Haridwar को जाम से मिलेगी मुक्ति, दिल्ली-ऋषिकेश का सफर होगा सुपरफास्ट, NHAI ने तेज किया काम
Uttarakhand/Haridwar: हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर में लगने वाले भारी जाम को खत्म करने के लिए NHAI दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रहा है। इससे दिल्ली-NCR से ऋषिकेश और हरि
Uttarakhand/Haridwar: हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर में लगने वाले भारी जाम को खत्म करने के लिए NHAI दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रहा है। इससे दिल्ली-NCR से ऋषिकेश और हरिद्वार का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य अर्धकुंभ-2027 से पहले इन सड़कों को पूरी तरह तैयार करना है ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
NHAI दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ने वाली लिंक रोड (Spur to Haridwar) का निर्माण कर रहा है। यह 51 किलोमीटर लंबा छह लेन का रास्ता होगा, जिसका करीब 92% काम पूरा हो चुका है। यह रोड हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर नेशनल हाईवे-58 के पास भदेरी राजपूतना तक जाएगी। इसके चालू होने के बाद दिल्ली, मेरठ और सहारनपुर से आने वाली गाड़ियां शहर के अंदर घुसे बिना सीधे हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंच सकेंगी। उम्मीद है कि सहारनपुर-हरिद्वार वाला हिस्सा जून 2026 तक शुरू हो जाएगा।
इसके साथ ही हरिद्वार बाईपास (Package-I) पर भी काम तेजी से चल रहा है। यह 15 किलोमीटर लंबा चार लेन का बाईपास होगा, जिसका 77% काम पूरा हो चुका है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर नेशनल हाईवे-34 पर चंडी देवी मंदिर के पास खत्म होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब गाड़ियां हर की पौड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में नहीं जाएंगी। इस प्रोजेक्ट में गंगा नदी पर 2.5 किलोमीटर लंबा पुल, एक फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज भी बनाया जा रहा है।
ट्रैफिक को बेहतर ढंग से संभालने के लिए इन रास्तों पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया जा रहा है, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। साथ ही हरिद्वार-मुजफ्फरनगर हाईवे के अलग-अलग चौराहों पर फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जा रहे हैं ताकि सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या पूरी तरह खत्म हो सके।