Gurugram में भारी बारिश से शहर बना टापू, NH-48 पर सड़क धंसी और ट्रैफिक जाम से लोग परेशान
Haryana/Gurugram: दिल्ली के मुकाबले कम बारिश होने के बावजूद साइबर सिटी गुरुग्राम पूरी तरह डूब गई। 7 जुलाई 2026 को हुई भारी बारिश ने शहर की पोल खोल दी, जिससे सड़कें तालाब बन गईं और हजारों लोग ट्रैफिक जाम में फंस गए। मौसम
Haryana/Gurugram: दिल्ली के मुकाबले कम बारिश होने के बावजूद साइबर सिटी गुरुग्राम पूरी तरह डूब गई। 7 जुलाई 2026 को हुई भारी बारिश ने शहर की पोल खोल दी, जिससे सड़कें तालाब बन गईं और हजारों लोग ट्रैफिक जाम में फंस गए। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
शहर में जलभराव की स्थिति इतनी खराब थी कि हीरो होंडा चौक से सुभाष चौक तक के रास्ते और कई अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गए। सबसे बुरा हाल पुराने गुरुग्राम का रहा। इस दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर नरसिंहपुर के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिसकी वजह से दो लेन बंद करनी पड़ीं और करीब 8 से 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सिविल लाइंस रोड पर भी सड़क धंसने की खबर आई है।
हालात को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कॉर्पोरेट ऑफिसों और प्राइवेट कंपनियों से अगले कुछ दिनों तक ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने को कहा है ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो और लोग सुरक्षित रहें। IMD ने दिल्ली-NCR और गुरुग्राम के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जबकि हरियाणा के कई हिस्सों के लिए 7 से 9 जुलाई तक येलो अलर्ट प्रभावी रहा।
प्रशासन की ओर से GMDA और MCG की टीमें पंप और सक्शन टैंकर्स के साथ पानी निकालने के काम में जुटी हैं। GMDA का कहना है कि उन्होंने कुछ इलाकों में नए ड्रेनेज सिस्टम और वॉटर शूट्स लगाए हैं जिससे पानी की निकासी में मदद मिली है। हालांकि, स्थानीय निवासी और RWA इस स्थिति से काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि कई सेक्टरों में पिछले 8-10 साल से जलभराव की समस्या है और मानसून से पहले नालों की सफाई ठीक से नहीं की गई।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर में बेतरतीब कंक्रीट के जंगल और प्राकृतिक जलमार्गों पर हुए अवैध कब्जों की वजह से पानी की निकासी का रास्ता बंद हो गया है। यही वजह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही मिलेनियम सिटी टापू में तब्दील हो जाती है।