Gurugram-Rewari हाईवे से कम होगा सफर का समय, पटौदी और मानेसर समेत कई इलाकों में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम

Haryana: गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच बनने वाला नया हाईवे अब जल्द ही पूरी तरह चालू होने वाला है। इस सड़क के बनने से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि दक्षिण NCR के इलाकों में जमीन और मकानों की कीमतों में भी बड़ा उछाल आने की उम्

Haryana: गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच बनने वाला नया हाईवे अब जल्द ही पूरी तरह चालू होने वाला है। इस सड़क के बनने से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि दक्षिण NCR के इलाकों में जमीन और मकानों की कीमतों में भी बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। NH-352W नाम का यह हाईवे इलाके के विकास के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक के मुताबिक, लगभग 45 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का काम जुलाई 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 900 करोड़ रुपये है। अच्छी बात यह है कि जुलाई 2026 तक इसका 10 किलोमीटर का शुरुआती हिस्सा शुरू हो जाएगा, जिससे लोग द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP एक्सप्रेसवे तक महज 10 मिनट में पहुँच सकेंगे।

इस हाईवे के बनने से दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48) पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। मानेसर, बिलोपुर और धारूहेड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में जाने वाले वाहनों को एक वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा। हाल ही में 8 जुलाई को भारी बारिश की वजह से NH-48 का एक हिस्सा धंस गया था, जिससे भारी जाम लगा था। ऐसे में इस नए हाईवे की जरूरत और भी ज्यादा महसूस हो रही है।

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से पटौदी, मानेसर और धारूहेड़ा जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ेगी। अनुमान है कि अगले एक साल में इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 15% से 20% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

विवरण जानकारी
हाईवे का नाम NH-352W (गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी)
कुल लंबाई लगभग 43 से 46 किलोमीटर
पूरा होने की तारीख सितंबर 2026 (मुख्य हिस्सा जुलाई 2026 तक)
कुल लागत करीब 900 करोड़ रुपये
मुख्य लाभ NH-48 पर ट्रैफिक कम होगा, सफर का समय घटेगा
प्रभावित इलाके पटौदी, मानेसर, बिलोपुर और धारूहेड़ा

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में जमीन अधिग्रहण और पर्यावरण संबंधी मंजूरी जैसे कारणों से काफी देरी हुई थी। लेकिन अब इंचहापुरी में रोड ओवर ब्रिज (ROB) की मंजूरी मिल गई है और काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही पटौदी हाईवे क्षेत्र के आसपास 23 किलोमीटर लंबे ग्रामीण सड़क नेटवर्क को भी मंजूरी दी गई है, ताकि मुख्य हाईवे से गांवों और कस्बों का संपर्क बेहतर हो सके।