Gurugram में घर खरीदना हुआ मुश्किल, बढ़े सर्किल रेट और EMI ने बढ़ाई आम आदमी की टेंशन
Haryana/Gurugram: गुरुग्राम अब दिल्ली का सस्ता विकल्प नहीं रहा, बल्कि यह देश का एक बड़ा कॉर्पोरेट हब बन चुका है। यहाँ हर महीने हजारों प्रोफेशनल्स नौकरी के लिए आ रहे हैं, लेकिन बढ़ती कीमतों की वजह से अब मध्यम वर्ग के लिए
Haryana/Gurugram: गुरुग्राम अब दिल्ली का सस्ता विकल्प नहीं रहा, बल्कि यह देश का एक बड़ा कॉर्पोरेट हब बन चुका है। यहाँ हर महीने हजारों प्रोफेशनल्स नौकरी के लिए आ रहे हैं, लेकिन बढ़ती कीमतों की वजह से अब मध्यम वर्ग के लिए यहाँ अपना घर लेना एक सपना बनता जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने अप्रैल 2026 में गुरुग्राम के सर्किल रेट में बड़ा बदलाव किया है। द्वारका एक्सप्रेसवे और DLF फेज V जैसे इलाकों में रेट 15% से लेकर 75% तक बढ़ा दिए गए हैं, जिससे अब मकान की रजिस्ट्री और टैक्स का खर्च काफी बढ़ गया है। CBRE Research की रिपोर्ट बताती है कि घर खरीदने वालों की हालत अब और खराब हुई है। साल 2021 में लोगों की कमाई का करीब 20% हिस्सा EMI में जाता था, जो 2025 के अंत तक बढ़कर लगभग 40% हो गया है।
रियल एस्टेट मार्केट की मौजूदा स्थिति कुछ इस तरह है:
| विवरण | जानकारी/अनुमान |
|---|---|
| सर्किल रेट में बढ़ोतरी | 15% से 75% (चुनिंदा इलाकों में) |
| EMI-to-Income Ratio | 38% से 40% (2028 तक अनुमानित) |
| नए प्रोजेक्ट्स की वैल्यू | लगभग ₹87,000 करोड़ |
| रजिस्टर्ड डेवलपमेंट्स | 130 से ज्यादा |
| कीमतों में बढ़ोतरी (2026) | 8% से 12% (लक्जरी और मिड-सेगमेंट) |
| प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स | द्वारका एक्सप्रेसवे, SPR, ग्लोबल सिटी, मेट्रो विस्तार |
बाजार में DLF, M3M, Elan और Godrej जैसे बड़े डेवलपर्स सक्रिय हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब लोग सिर्फ निवेश के लिए नहीं, बल्कि रहने के लिए घर खरीद रहे हैं। हालांकि, लक्जरी घरों की मांग NRI और अमीर लोगों के बीच बढ़ी है, लेकिन सैलरी पाने वाले परिवारों के लिए प्राइम लोकेशन पर घर लेना अब बहुत मुश्किल हो गया है क्योंकि मकानों की कीमतें उनकी सैलरी बढ़ने की रफ्तार से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही हैं।