Gurugram में भारी बारिश से जलभराव और जाम, NH-48 पर सड़क धंसी; पुलिस ने कंपनियों को दिया WFH का सुझाव
Haryana/Gurugram: मिलेनियम सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम में मानसून की पहली भारी बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। 8 और 9 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया और सड़कों पर गाड़ियों की लंब
Haryana/Gurugram: मिलेनियम सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम में मानसून की पहली भारी बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। 8 और 9 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरा शहर पानी-पानी हो गया और सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस स्थिति के कारण हजारों लोग घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर इतना ज्यादा था कि दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) के नरसिंहपुर इलाके में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे दो लेन बंद करनी पड़ीं और करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके अलावा सिविल लाइन रोड पर भी सड़क धंसने की खबर आई। हालात को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट और प्राइवेट कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों तक ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) की सुविधा दें ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो सके और ट्रैफिक मैनेजमेंट में आसानी हो।
ट्रैफिक को संभालने के लिए पुलिस ने NH-48 पर 260 अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। साथ ही 5 क्रेन, 2 हाइड्रा मशीन और 17 मोटरसाइकिल पेट्रोल यूनिट्स को भी लगाया गया है। डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत ने साफ किया है कि NH-48 पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शहर के कई मुख्य इलाकों जैसे हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, सोहना रोड और उद्योग विहार में भारी जलभराव देखा गया। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 8 जुलाई को कदीपुर और हरसरू में सबसे ज्यादा 82 मिमी बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर 33 घंटों के भीतर शहर में 115 मिमी बारिश हुई है।
IMD ने दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें गुरुवार तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। उम्मीद है कि 10 और 11 जुलाई को मौसम थोड़ा बेहतर होगा और अलर्ट ग्रीन लेवल पर आ जाएगा। लोकलसर्कल्स के एक पुराने सर्वे के मुताबिक, गुरुग्राम में रोजाना सफर करने वाले 96 प्रतिशत लोग इस शहरी आवाजाही को बहुत थका देने वाला बताते हैं।