Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 62 में एक रिहायशी फ्लैट से नकली दवाइयां बनाने वाले बड़े गिरोह को पकड़ा गया है। यहाँ वजन घटाने और डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होने वाले Mounjaro इंजेक्शन की नकल तैयार की जा रही थी। ड्रग्स कंट्रोल
Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 62 में एक रिहायशी फ्लैट से नकली दवाइयां बनाने वाले बड़े गिरोह को पकड़ा गया है। यहाँ वजन घटाने और डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होने वाले Mounjaro इंजेक्शन की नकल तैयार की जा रही थी। ड्रग्स कंट्रोल ऑफिस और पुलिस ने छापेमारी कर करीब 56 से 70 लाख रुपये की नकली दवाइयां जब्त की हैं।
नकली इंजेक्शन कैसे बनाए और किसे बेचा गया
इस रैकेट का मास्टरमाइंड 32 साल का Avi Sharma बताया जा रहा है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह चीन से कच्चा केमिकल मंगवाता था और उसे पानी में मिलाकर फ्लैट के अंदर ही इंजेक्शन तैयार करता था। इन नकली इंजेक्शनों को Indiamart जैसे B2B पोर्टल के जरिए बेचा जा रहा था। जांच में पता चला है कि कुछ खेप दिल्ली के भागीरथ पैलेस दवा बाजार तक भी पहुंची थीं। इस काम में यूपी का रहने वाला मुजम्मिल खान भी शामिल था, जो डिलीवरी का काम देखता था।
अधिकारियों ने कैसे पकड़ी दवा की चोरी
ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान और मुकेश कुमार ने पैकेजिंग में अंतर देखकर इस फर्जीवाड़े को पकड़ा। नकली इंजेक्शनों में असली Mounjaro के मुकाबले रंग, फॉन्ट और तस्वीरों में काफी फर्क था। साथ ही, इन दवाओं में स्पेलिंग की गलतियां भी थीं। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि इन दवाओं को जरूरी तापमान (2°C से 8°C) पर नहीं रखा गया था, जो कि सेहत के लिए बहुत खतरनाक है।
नकली दवा लेने से क्या हो सकते हैं खतरे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी नकली GLP-1 दवाइयां लेने से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इससे शरीर में शुगर लेवल अचानक गिर सकता है (hypoglycemic shock), बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है और डायबिटीज के मरीजों का इलाज पूरी तरह बेकार जा सकता है। असली दवा बनाने वाली कंपनी Eli Lilly ने इस कार्रवाई का समर्थन किया है और देशभर में इन नकली बैचों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।