Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 37 में स्थित Khandsa सेकेंडरी वेस्ट डंपिंग पॉइंट पर एक बार फिर भीषण आग लग गई। यह घटना बुधवार रात को हुई और गुरुवार सुबह 11 बजे तक इसे बुझाया जा सका। हैरानी की बात यह है कि कुछ ही दिन पहले इसी
Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 37 में स्थित Khandsa सेकेंडरी वेस्ट डंपिंग पॉइंट पर एक बार फिर भीषण आग लग गई। यह घटना बुधवार रात को हुई और गुरुवार सुबह 11 बजे तक इसे बुझाया जा सका। हैरानी की बात यह है कि कुछ ही दिन पहले इसी जगह पर बड़ी आग लगी थी, जिसे बुझाने में 200 से ज्यादा फायर टेंडर लगे थे और चार दिन का समय लगा था।
आग लगने की वजह और MCG की लापरवाही क्या है?
Municipal Corporation of Gurugram (MCG) को शहर के 14 सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट्स को सुधारने की डेडलाइन 1 जून 2026 तक दी गई थी, लेकिन यह काम समय पर पूरा नहीं हुआ। MCG के SDO मनोज अहलावत का कहना है कि कूड़े की लगातार आवक के कारण ठेकेदार वहां निर्माण और मरम्मत का काम नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, सीनियर सैनिटेशन इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि कचरे के ढेर से निकलने वाली मीथेन गैस और कूड़े की भारी मात्रा के कारण आग बुझाना मुश्किल हो रहा था।
इलाके के लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?
Khandsa के निवासी राजीव बेनीवाल और अन्य लोगों का कहना है कि जहरीले धुएं के कारण घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पर्यावरणविद रुचिका सेठी ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और इंडस्ट्रियल कचरे से निकलने वाला धुआं सेहत के लिए बहुत खतरनाक है, जिसमें डाइऑक्सिन और फुरान जैसी जहरीली गैसें होती हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने यह आरोप भी लगाया है कि कुछ लोग औद्योगिक कचरे को जलाकर और फिर पानी डालकर वजन बढ़ाकर बेचने के लिए जानबूझकर ऐसा करते हैं।
आग बुझाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
फायर ब्रिगेड की टीमों ने सेक्टर 37 और सेक्टर 29 समेत भीम नगर और IMT मानेसर से मदद ली। MCG ने मौके पर JCB मशीनें तैनात कीं ताकि कचरा हटाकर फायर टेंडरों के लिए रास्ता बनाया जा सके। साथ ही, धुएं को कम करने के लिए तीन एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया गया और साइट की निगरानी के लिए तीन कर्मचारियों को चौबीसों घंटे तैनात रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Khandsa डंपिंग साइट पर आग कब और कितनी बार लगी?
यहाँ 4 जून 2026 को एक बड़ी आग लगी थी जो 9 जून तक चलती रही। इसके तुरंत बाद बुधवार रात को फिर से आग लगी, जिसे गुरुवार 11 जून 2026 की सुबह बुझाया गया।
MCG ने इस समस्या को रोकने के लिए क्या किया?
MCG ने JCB मशीनें, एंटी-स्मॉग गन और चौबीस घंटे निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात किए हैं, हालांकि 14 डंपिंग साइट्स को सुधारने की डेडलाइन 1 जून को निकल चुकी है।