Haryana: गुरुग्राम के लोगों को भीषण गर्मी और लू से बचाने के लिए नगर निगम (MCG) ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 5 करोड़ रुपये की ग्रांट दी है। इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर को हीट-रेजिलिएंट बनाना है ता
Haryana: गुरुग्राम के लोगों को भीषण गर्मी और लू से बचाने के लिए नगर निगम (MCG) ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 5 करोड़ रुपये की ग्रांट दी है। इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर को हीट-रेजिलिएंट बनाना है ताकि बढ़ते तापमान का असर आम जनता और मजदूरों पर कम हो सके।
इस प्लान में क्या-क्या खास होगा
इस योजना के तहत शहर में ‘कूल रूफ’ और ‘ग्रीन रूफ’ लगाए जाएंगे जिससे घरों और इमारतों के अंदर का तापमान कम रहे। इसके अलावा, लोगों के लिए जगह-जगह हाइड्रेशन पॉइंट्स और पब्लिक टॉयलेट बनाए जाएंगे। धूप से बचने के लिए सार्वजनिक जगहों पर छायादार इलाके विकसित किए जाएंगे और पुराने तालाबों व विरासत परिसरों को पुनर्जीवित किया जाएगा।
कैसे काम करेगा नया वार्निंग सिस्टम
गर्मी की सटीक जानकारी के लिए मौसम की निगरानी करने वाले सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। शहर में ‘हीट मैपिंग’ की जाएगी जिससे यह पता चलेगा कि किन इलाकों में सबसे ज्यादा गर्मी रहती है और वहां कौन से लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इससे समय रहते चेतावनी जारी की जा सकेगी और जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।
मजदूरों और आम जनता को क्या फायदा मिलेगा
MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया ने बताया कि यह पहल नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगी। इस प्लान में उन मजदूरों के काम करने की स्थितियों और उनके अधिकारों पर भी ध्यान दिया गया है जो भीषण गर्मी में बाहर काम करते हैं। साथ ही, अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने वाली आबादी के लिए स्वास्थ्य कवरेज और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गुरुग्राम का हीट रेजिलिएंट सिटी प्रोजेक्ट कितने समय में पूरा होगा
यह क्लाइमेट अडैप्टेशन ब्लूप्रिंट अगले 15 महीनों की अवधि में लागू किया जाएगा, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 5 करोड़ रुपये दिए हैं।
इस योजना में किन संस्थाओं ने हाथ मिलाया है
नगर निगम गुरुग्राम (MCG) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) ने इसके लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।