Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 62 में एक रिहायशी सोसाइटी से नकली वजन घटाने वाले इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी अवि शर्मा और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। यह
Haryana: गुरुग्राम के सेक्टर 62 में एक रिहायशी सोसाइटी से नकली वजन घटाने वाले इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी अवि शर्मा और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह Mounjaro जैसे महंगे ब्रांड्स के नाम पर नकली इंजेक्शन बना रहा था और इन्हें बाजार में बेच रहा था।
नकली इंजेक्शन कैसे बनाए जाते थे और क्या था तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपी अवि शर्मा अपने घर पर ही 3D प्रिंटर की मदद से नकली पैकेजिंग तैयार करता था। वह चीन से Alibaba के जरिए कच्चा माल मंगवाता था और फिर उसे इंजेक्शन के रूप में तैयार करता था। आरोपी का मकसद इस अवैध काम से हर महीने करीब 2 करोड़ रुपये कमाना था। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान ने बताया कि नकली Mounjaro इंजेक्शन की पैकेजिंग असली इंजेक्शन से काफी अलग थी।
सिर्फ Mounjaro ही नहीं ToneUp इंजेक्शन भी बना रहे थे
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला है कि आरोपी केवल Mounjaro की नकल नहीं कर रहा था, बल्कि उसने ‘ToneUp’ नाम का अपना एक इंजेक्शन भी बनाया और उसे मार्केट किया। यह पूरा खेल DLF फेज 4 के सुपर मार्ट-1 के पास एक गाड़ी से 70 लाख रुपये के इंजेक्शन पकड़े जाने के बाद खुला। शुरुआती गिरफ्तारी मुजम्मिल खान नाम के डिलीवरीमैन की हुई थी, जिसकी निशानदेही पर मास्टरमाइंड अवि शर्मा तक पहुंचा गया।
NCR से बाहर तक फैला है नकली दवाओं का नेटवर्क
यह मामला केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं है। जांच में पता चला है कि इन नकली इंजेक्शनों की सप्लाई दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट और हैदराबाद तक की गई थी। अधिकारियों ने हैदराबाद के डीलरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस स्टॉक को न बेचें और न ही इस्तेमाल करें। Eli Lilly इंडिया कंपनी ने भी इस मामले की पुष्टि की है और सरकारी कार्रवाई का समर्थन किया है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसी दवाइयां केवल भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली दवाइयों का यह गिरोह कहां से सामान मंगवाता था?
मुख्य आरोपी अवि शर्मा चीन से Alibaba के जरिए कच्चा माल मंगवाता था और 3D प्रिंटर से पैकेजिंग तैयार करता था।
कौन-कौन से इंजेक्शन नकली बनाए जा रहे थे?
गिरोह द्वारा Mounjaro ब्रांड के नकली इंजेक्शन और ‘ToneUp’ नाम का अपना इंजेक्शन बनाया और बेचा जा रहा था।