Haryana: गुरुग्राम में पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने मिलकर नकली वजन घटाने वाली दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। एक कैब से करीब 56 लाख रुपये के नकली Mounjaro इंजेक्शन पकड़े गए, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और मुख्य
Haryana: गुरुग्राम में पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने मिलकर नकली वजन घटाने वाली दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। एक कैब से करीब 56 लाख रुपये के नकली Mounjaro इंजेक्शन पकड़े गए, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और मुख्य आरोपी के घर से भी भारी मात्रा में दवाइयां मिलीं। यह पूरा खेल घर से ही चलाया जा रहा था, जिसने लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया।
नकली दवाओं का यह खेल कैसे चल रहा था?
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी Avi Sharma ने 2 अप्रैल को इस अवैध काम की शुरुआत की थी। वह अपने घर से ही इन नकली इंजेक्शनों को तैयार कर रहा था। शनिवार शाम करीब 7:25 बजे पुलिस ने एक कैब को रोका, जिसमें Mujammil Khan नाम का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था। उसके पास से 56 लाख रुपये के इंजेक्शन मिले। बाद में Avi Sharma के घर की तलाशी ली गई, जहाँ से 14 लाख रुपये के और इंजेक्शन बरामद हुए। कुल मिलाकर करीब 70 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है।
दवाइयां नकली होने का पता कैसे चला?
Drug Control Officer Amandeep Chauhan ने बताया कि असली Mounjaro इंजेक्शन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखना जरूरी होता है। लेकिन पकड़ी गई दवाओं को इस तापमान पर नहीं रखा गया था, जिससे उनके नकली होने का शक हुआ। अब इन सैंपल्स को लैब में जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को शक है कि यह सामान दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट से आया था और बिल गुरुग्राम में बनाए जा रहे थे।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां और नियम
स्वास्थ्य मंत्रालय और ड्रग कंट्रोल विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि ऐसी दवाइयां केवल स्पेशलिस्ट डॉक्टरों (Endocrinologists या Cardiologists) की पर्ची पर ही लें। विभाग ने कुछ जरूरी बातें बताई हैं:
- दवाइयां हमेशा लाइसेंस वाले केमिस्ट से ही खरीदें।
- दवा खरीदते समय पक्का बिल जरूर मांगें।
- पैकिंग पर लिखी डिटेल्स को अच्छी तरह चेक करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के वजन घटाने वाले इंजेक्शनों का इस्तेमाल न करें।
अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना लाइसेंस के दवा बेचने वाले और खरीदने वाले, दोनों पर Drugs and Cosmetics Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।