Gurgaon child sexual assault case: SIT की जांच को कोर्ट में चुनौती, माता-पिता ने लगाया एकतरफा जांच का आरोप
Haryana/Gurugram: गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ हुए यौन शोषण मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच को कोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि SIT की जांच ए
Haryana/Gurugram: गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ हुए यौन शोषण मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच को कोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि SIT की जांच एकतरफा है और इस पूरे मामले की दोबारा और गहराई से जांच होनी चाहिए।
यह मामला दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच का है, जब बच्ची के साथ यौन शोषण की घटनाएं हुईं। 4 फरवरी 2026 को सेक्टर 53 थाने में POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में दो महिला घरेलू सहायिकाओं, संगीता और पकिला, और पकिला के पति कबीर मुल्ला को गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के काम करने के तरीके को शर्मनाक और असंवेदनशील बताया था। कोर्ट ने पाया था कि पुलिस ने जानबूझकर गंभीर धाराओं को हटाकर मामले को हल्का करने की कोशिश की थी। इसी वजह से 25 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने तीन महिला IPS अधिकारियों (ADGP काला रामचंद्रन, SP डॉ. अंशु सिंगला और DCP जसलीन कौर) की एक SIT बनाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने SIT को निर्देश दिया था कि वे सादे कपड़ों में और एक मनोवैज्ञानिक के साथ बच्ची के घर जाकर उसका बयान दर्ज करें ताकि उस पर कोई बुरा असर न पड़े। SIT ने अपनी रिपोर्ट 11 मई 2026 को गुरुग्राम कोर्ट में जमा कर दी थी। अब माता-पिता ने इसी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।