Haryana: गुरुग्राम के मानेसर में एक फैक्ट्री वर्कर के साथ बैंक कर्मचारियों ने मिलकर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने पीड़ित के नाम पर बिना उसकी जानकारी के 4.74 लाख रुपये का प्री-अप्रूव्ड लोन ले लिया। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली
Haryana: गुरुग्राम के मानेसर में एक फैक्ट्री वर्कर के साथ बैंक कर्मचारियों ने मिलकर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने पीड़ित के नाम पर बिना उसकी जानकारी के 4.74 लाख रुपये का प्री-अप्रूव्ड लोन ले लिया। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली और गुरुग्राम से बैंक के कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ यह पूरा फर्जीवाड़ा
मानेसर के रहने वाले 33 साल के Dinesh Kumar को पिछले साल 6 दिसंबर को पता चला कि उनके Axis Bank खाते से 12,585 रुपये कट गए हैं। इसके बाद जब उन्होंने जांच की तो उन्हें लोन के फ्रॉड का पता चला। पीड़ित ने 11 दिसंबर को मानेसर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाई थी।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या है उनका रोल
पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल चार लोगों को पकड़ा है। इनमें मुख्य आरोपी Mohammad Ali है जो दिल्ली में RBL Bank के एक ब्रांच में डिप्टी मैनेजर था। वहीं Mohammad Asif नाम का व्यक्ति गुरुग्राम में Axis Bank में काम करता था। इन दोनों को पुलिस ने 23 और 25 अप्रैल 2026 को दिल्ली से गिरफ्तार किया और अब उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस ने क्या बताया फ्रॉड का तरीका
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ASI Sandeep Kumar ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे। बैंक के अंदर बैठे कर्मचारियों ने सिस्टम का फायदा उठाकर ग्राहकों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन प्रोसेस किया और पैसे हड़प लिए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस फ्रॉड में किन बैंकों के कर्मचारी शामिल थे?
इस धोखाधड़ी में Axis Bank और RBL Bank के कर्मचारी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में RBL Bank का एक डिप्टी मैनेजर और Axis Bank का एक कर्मचारी शामिल है।
पीड़ित को फ्रॉड का पता कैसे चला?
पीड़ित Dinesh Kumar को तब पता चला जब उनके Axis Bank खाते से बिना किसी कारण के 12,585 रुपये की कटौती हुई।