Greater Noida में आबादी भूखंड के लिए किसानों का हल्लाबोल, 29 जून को लखनऊ कूच की चेतावनी
UP/Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के 40 गांवों के किसान अपनी जमीन के बदले आबादी भूखंड की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। किसानों ने एक बड़ी महापंचायत की है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो
UP/Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के 40 गांवों के किसान अपनी जमीन के बदले आबादी भूखंड की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। किसानों ने एक बड़ी महापंचायत की है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 29 जून को ग्रेटर नोएडा से लखनऊ तक पैदल मार्च करेंगे।
किसानों की मुख्य मांग 10 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड मिलने की है। उनका कहना है कि नवंबर 1997 के ऑफिस ऑर्डर और इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2011 के आदेश में यह साफ था कि प्रभावित किसानों को 10 प्रतिशत प्लॉट दिए जाएं। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड मीटिंग में भी इसे मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब भी 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्लॉटों का प्रस्ताव सरकार के पास लंबित है।
सिरसा गांव में 13 जून को हुई बैठक में तय किया गया कि अगर 27 जून तक सरकार इस 4 प्रतिशत प्लॉट के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देती है, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। इस फैसले की जानकारी पुलिस कमिश्नर, जिला मजिस्ट्रेट और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के CEO को पत्र भेजकर दे दी गई है। किसान नेता प्रकाश प्रधान और विनोद कुमार वर्मा इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, किसान एकता संघ जैसे संगठन यमुना डेवलपमेंट अथॉरिटी के खिलाफ भी आंदोलन तेज कर रहे हैं। वे जुलाई में एक बड़ी महापंचायत की योजना बना रहे हैं, जिसमें 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट, आबादी लीसबैक और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग की जाएगी। हालांकि, 13 मई को अथॉरिटी ने बिसरख जललपुर गांव के 10 किसानों को लॉटरी के जरिए 6 प्रतिशत प्लॉट आवंटित कर आंशिक राहत दी थी, लेकिन इससे बाकी किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।