Delhi: भारत सरकार ने देश में हल्के और आधुनिक CNG सिलेंडर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत आने वाले Technology Development Board (TDB) ने दिल्ली की कंपनी NTF Energy Solutions P
Delhi: भारत सरकार ने देश में हल्के और आधुनिक CNG सिलेंडर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत आने वाले Technology Development Board (TDB) ने दिल्ली की कंपनी NTF Energy Solutions Pvt Ltd के साथ एक समझौता किया है। इस करार के बाद अब भारत में ही Type-IV कंपोजिट CNG सिलेंडर बनाए जाएंगे, जिससे गाड़ियों को चलाने का अनुभव बदलेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
क्या हैं ये नए Type-IV CNG सिलेंडर और कैसे काम करेंगे
NTF Energy Solutions ने इन सिलेंडरों की तकनीक खुद भारत में विकसित की है। ये सिलेंडर पुराने स्टील सिलेंडरों के मुकाबले काफी हल्के होंगे, जिनमें करीब 75% तक वजन की कमी आएगी। इन्हें बनाने के लिए filament winding और blow moulding जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। वजन कम होने की वजह से गाड़ियों की एफिशिएंसी बढ़ेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
सरकार का लक्ष्य और आम जनता को क्या फायदा होगा
TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने बताया कि यह प्रोजेक्ट भारत के क्लीन मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जरूरी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को पूरा करना और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना है। जब गाड़ियों में हल्के सिलेंडर लगेंगे, तो ईंधन की खपत बेहतर होगी और पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से टिकाऊ परिवहन और कम प्रदूषण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Type-IV CNG सिलेंडर पुराने सिलेंडरों से कैसे अलग हैं?
ये सिलेंडर कंपोजिट मटेरियल से बने होते हैं और स्टील सिलेंडरों की तुलना में 75% तक हल्के होते हैं, जिससे गाड़ी की माइलेज बढ़ती है।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत में स्वदेशी तकनीक से हल्के CNG सिलेंडर बनाना है ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो और देश आत्मनिर्भर बने।