Delhi से Nepal का सफर होगा आसान, गोरखपुर-सोनौली हाईवे का 89% काम पूरा, अब 8 घंटे में पहुंचेंगे मंजिल
UP/Gorakhpur: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए नेपाल जाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। गोरखपुर से सोनौली तक बन रहे नए 4-लेन नेशनल हाईवे के चालू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से नेपाल की दूरी
UP/Gorakhpur: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए नेपाल जाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। गोरखपुर से सोनौली तक बन रहे नए 4-लेन नेशनल हाईवे के चालू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से नेपाल की दूरी महज 8 घंटे में पूरी हो जाएगी। यह सफर अब पहले की तरह थकाऊ नहीं रहेगा और टूरिज्म को इससे बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ललित प्रताप पाल ने बताया कि जंगल कौड़िया से सोनौली तक फैले इस 79.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का लगभग 89% काम पूरा हो चुका है। इस हाईवे के बनने से गोरखपुर से सोनौली के बीच लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इस पूरी परियोजना को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे बाद में 6-लेन में भी बदला जा सकेगा।
इस हाईवे के निर्माण में सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया जा रहा है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 79.5 किलोमीटर |
| परियोजना लागत | ₹1458 करोड़ से ₹2555.50 करोड़ के बीच |
| निर्माण कार्य की स्थिति | 89% पूरा |
| प्रमुख निर्माण | 1 रेल ब्रिज, 2 फ्लाईओवर, 24 अंडरपास, 105 पुलिया |
| सर्विस रोड | लगभग 68 किलोमीटर |
| भूमि अधिग्रहण | 49 गांवों की जमीन, 94% मुआवजा वितरित |
यह हाईवे न केवल आम यात्रियों के लिए बल्कि बौद्ध सर्किट के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगा। इससे कुशीनगर से नेपाल स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी तक की यात्रा बहुत सरल हो जाएगी। भारत और नेपाल के बीच व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को इससे मजबूती मिलेगी। हालांकि, हाल ही में 27 जुलाई 2026 को भारतीय कस्टम एजेंटों ने नेपाल भन्सार एजेंट संघ के विरोध में सोनौली बॉर्डर पर प्रदर्शन किया था, जिससे मालवाहक ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई थी।