UP: लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और उनके चैंबर तोड़े जाने के विरोध में सोमवार को गोंडा के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया। गोंडा बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार किया और
UP: लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और उनके चैंबर तोड़े जाने के विरोध में सोमवार को गोंडा के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया। गोंडा बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार किया और कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। वकीलों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ में क्या हुआ और क्यों भड़के वकील
यह पूरा विवाद लखनऊ के कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान शुरू हुआ। 17 मई को नगर निगम की टीम ने पुलिस बल के साथ वहां चैंबरों को गिराना शुरू किया। वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने लगभग 240 चैंबर ध्वस्त कर दिए। अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्हें न तो सही सूचना दी गई और न ही कोई वैकल्पिक जगह बताई गई। वहीं प्रशासन का कहना है कि उन्होंने 12 मई को ही निशान लगाकर समय दिया था।
गोंडा और अन्य जिलों में प्रदर्शन का असर
गोंडा में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविचंद्र त्रिपाठी और महामंत्री सुनील कुमार पांडे के नेतृत्व में वकीलों ने जुलूस निकाला। इसके अलावा लखनऊ के वकीलों ने 18 से 20 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है और 18 मई को काला दिवस मनाया। यह असर सिर्फ गोंडा या लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि बांदा, बरेली, देवरिया और वाराणसी समेत यूपी के करीब 25 जिलों में वकीलों ने काम बंद रखा है।
वकीलों की मुख्य मांगें क्या हैं
- लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और विशेष रूप से ठाकुरगंज एसएचओ ओमवीर सिंह पर एफआईआर दर्ज हो।
- जिन वकीलों के चैंबर तोड़े गए हैं, उन्हें हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए।
- घायल अधिवक्ताओं का इलाज सरकारी खर्चे पर कराया जाए।
- दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
लखनऊ के कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर में नगर निगम द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने और चैंबर ध्वस्त करने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद लाठीचार्ज हुआ।
यूपी के कितने जिलों में वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया है?
लखनऊ, गोंडा, बांदा, बरेली, देवरिया और वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के लगभग 25 जिलों में अधिवक्ताओं ने इस घटना के विरोध में कार्य बहिष्कार किया है।