Maharashtra: मुंबई के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बंद हो चुकी Go Airlines (Go First) को एक यात्री के पैसे वापस करने का आदेश दिया है। एयरलाइन ने फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्री को ‘नो-शो’ घोषित कर दिया
Maharashtra: मुंबई के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बंद हो चुकी Go Airlines (Go First) को एक यात्री के पैसे वापस करने का आदेश दिया है। एयरलाइन ने फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्री को ‘नो-शो’ घोषित कर दिया था और कैश रिफंड देने के बजाय क्रेडिट शेल का ऑफर दिया था। कोर्ट ने इसे गलत माना और एयरलाइन को रिफंड के साथ मुआवजा देने को कहा है।
मामला क्या था और कोर्ट ने क्या कहा?
एक वैज्ञानिक अधिकारी ने दिसंबर 2019 में गोवा से चंडीगढ़ के लिए ग्रुप टिकट बुक किए थे। Go Airlines ने पहले SMS और ईमेल के जरिए फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी दी थी। लेकिन जब यात्री ने रिफंड मांगा, तो एयरलाइन ने अपनी बात बदल दी और कहा कि फ्लाइट सिर्फ रीशेड्यूल हुई थी। एयरलाइन ने यात्री को ‘नो-शो’ बताकर केवल क्रेडिट शेल देने की कोशिश की, जिसे कोर्ट ने ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ और सेवा में कमी माना।
यात्री को कितना पैसा और मुआवजा मिलेगा?
- टिकट रिफंड: 63,161 रुपये की पूरी राशि वापस करनी होगी।
- मानसिक परेशानी का मुआवजा: 25,000 रुपये अलग से देने होंगे।
- ब्याज: टिकट के किराए पर दिसंबर 2019 से 18% सालाना ब्याज देना होगा।
DGCA के नए रिफंड नियम क्या कहते हैं?
26 मार्च 2026 से लागू नए नियमों के मुताबिक, अब एयरलाइंस को कैंसिल या ‘नो-शो’ टिकट पर सभी सरकारी टैक्स (जैसे UDF/ADF) वापस करने होंगे। अब ‘क्रेडिट शेल’ लेना यात्री की मर्जी पर निर्भर करेगा, एयरलाइन इसे जबरदस्ती नहीं थोप सकती। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 7 दिन और एजेंट के जरिए बुकिंग पर 14 दिनों के भीतर रिफंड मिलना जरूरी है।