Delhi: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 20 और 21 अप्रैल 2026 को ‘ग्लोबल हीट एंड कूलिंग फोरम’ का दूसरा संस्करण आयोजित होगा। Natural Resources Defence Council (NRDC) इसे भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्र
Delhi: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 20 और 21 अप्रैल 2026 को ‘ग्लोबल हीट एंड कूलिंग फोरम’ का दूसरा संस्करण आयोजित होगा। Natural Resources Defence Council (NRDC) इसे भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और CDRI के साथ मिलकर आयोजित कर रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद भीषण गर्मी से लोगों को बचाना और टिकाऊ कूलिंग के तरीके खोजना है।
इस फोरम में किन बातों पर होगा फोकस
इस दो दिवसीय बैठक में केवल चर्चा नहीं होगी, बल्कि अब कागजी योजनाओं को जमीन पर उतारने की बात होगी। इसमें खास तौर पर उन गरीब और कमजोर समुदायों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा जो गर्मी की मार सबसे ज्यादा झेलते हैं। विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि कैसे बढ़ती कूलिंग की मांग को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पूरा किया जा सकता है। इसमें स्मार्ट डिजाइन, मजदूरों की सुरक्षा और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
कौन-कौन होंगे शामिल और क्या होगा खास
इस इवेंट में एशिया और अफ्रीका के अलग-अलग देशों से 300 से ज्यादा एक्सपर्ट्स हिस्सा लेंगे। इनमें शहरी योजनाकार, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट और एनर्जी सिस्टम के जानकार शामिल होंगे। NRDC इस मौके पर कुछ नए रिसोर्स भी लॉन्च करेगा, जिनमें शामिल हैं:
- हीट इश्यू ब्रीफ (Heat Issue Brief)
- कूलिंग स्टेशनों पर एक व्हाइट पेपर
- सुपर-एफिशिएंट सीलिंग फैन के लिए नेशनल ब्लूप्रिंट
गर्मी को लेकर विशेषज्ञों ने क्या कहा
NRDC की डायरेक्टर अडेल थॉमस ने बताया कि भीषण गर्मी एक ‘खामोश संकट’ बन चुकी है, जो अब अर्थव्यवस्था और सेहत के लिए बड़ा खतरा है, खासकर भारत जैसे देश में। वहीं NRDC इंडिया की कंट्री डायरेक्टर दीपा सिंह बगाई ने कहा कि दक्षिण एशिया में गर्मी जान और आजीविका के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने जोर दिया कि अगर सही तरीके से ‘हीट एक्शन प्लान’ बनाए जाएं, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।