Ghaziabad के सीवेज में मिला पोलियो वायरस, बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए घर-घर पहुंची टीमें

Ghaziabad: गाजियाबाद के विजय नगर पंपिंग स्टेशन और डुंडाहेरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के नमूनों में वैक्सीन से निकला पोलियो वायरस मिला है। इस खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और शहर के कई इलाकों में बच्चों की जांच

Ghaziabad: गाजियाबाद के विजय नगर पंपिंग स्टेशन और डुंडाहेरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के नमूनों में वैक्सीन से निकला पोलियो वायरस मिला है। इस खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और शहर के कई इलाकों में बच्चों की जांच के लिए डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से न छूटे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने साफ किया है कि यह वायरस वैक्सीन से निकला है और खतरनाक नहीं है। उन्होंने बताया कि ओरल पोलियो वैक्सीन में कमजोर जीवित वायरस होता है, जो कभी-कभी सीवेज के नमूनों में मिल जाता है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि गाजियाबाद में फिलहाल पोलियो के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है और यह केवल पर्यावरण निगरानी के दौरान पता चला है।

इस अभियान के तहत शहर की 12 संवेदनशील बस्तियों को चुना गया है, जहां करीब 1.5 लाख लोग और 30 हजार घर हैं। इन इलाकों में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर 5 साल से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि किसी बच्चे में लकवे जैसे लक्षण तो नहीं हैं।

सर्वे के दायरे में आने वाले मुख्य इलाके इस प्रकार हैं:

  • राज नगर, शास्त्री नगर और बुलंदशहर रोड
  • दौलतपुर, न्यू पंचवटी कॉलोनी और डुंकना
  • हिंडन विहार, किला भट्टा और मीरजापुर
  • विजय नगर-I, विजय नगर-II और खड़ाती नगर

भारत ने जनवरी 2011 में खुद को पोलियो मुक्त घोषित किया था। अधिकारियों ने बताया कि नियमित टीकाकरण में कमी आने से इस तरह के वायरस उभर सकते हैं, इसलिए पूरी कवरेज जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार, NCDC और WHO इस पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।