UP: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की Gaur Green Avenue सोसाइटी में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। यह आग एक ऊंची इमारत की नौवीं से ग्यारहवीं मंजिल तक फैल गई, जिससे कई फ्लैट पूरी तरह तबाह हो गए। बताया जा रहा है कि जिन फ्लैट्स
UP: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की Gaur Green Avenue सोसाइटी में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। यह आग एक ऊंची इमारत की नौवीं से ग्यारहवीं मंजिल तक फैल गई, जिससे कई फ्लैट पूरी तरह तबाह हो गए। बताया जा रहा है कि जिन फ्लैट्स में आग लगी, उनकी कीमत 3 से 5 करोड़ रुपये के बीच थी और कुछ घरों में अब कुछ भी नहीं बचा है।
आग कैसे लगी और क्या हुआ नुकसान
यह घटना 29 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच हुई। शुरुआती जांच में लग रहा है कि नौवीं मंजिल पर शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी, हालांकि कुछ फ्लैट्स में चल रहे लकड़ी के काम की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक 5-6 फ्लैट सीधे प्रभावित हुए, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि 10 से 14 फ्लैट जलकर राख हो गए हैं।
बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई
आग पर काबू पाने के लिए गाजियाबाद और नोएडा से 17 से ज्यादा दमकल गाड़ियां और दो हाइड्रोलिक क्रेन बुलाई गईं। करीब 70 कर्मचारियों ने मिलकर आग बुझाई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, धुएं की वजह से दो बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया।
सरकार और जिला प्रशासन का क्या कहना है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है और पुलिस कमिश्नर व जिला मजिस्ट्रेट को राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार मंदार ने बताया कि आग के कारणों की जांच के लिए एक टीम बनाई जाएगी। साथ ही, आसपास की अन्य प्राइवेट सोसायटियों को भी अलर्ट जारी किया गया है ताकि वहां फायर सेफ्टी की जांच की जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गाजियाबाद की सोसाइटी में आग लगने से कितना नुकसान हुआ?
इस हादसे में 3 से 5 करोड़ रुपये कीमत वाले कई फ्लैट जलकर राख हो गए। आधिकारिक तौर पर 5-6 फ्लैट प्रभावित बताए गए, जबकि निवासियों के अनुसार यह संख्या 14 तक हो सकती है।
क्या इस आगजनी में कोई हताहत हुआ है?
नहीं, CFO राहुल पाल के अनुसार सभी निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी की मौत नहीं हुई। केवल दो बुजुर्गों को सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल भर्ती कराया गया था।