UP : गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित Gaur Green Avenue में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन अब सख्त मोड में आ गया है। फायर विभाग ने शहर की करीब 150 रिहायशी सोसायटियों और कमर्शियल इमारतों को नोटिस जारी किया है। इन सभी जगहों पर आग
UP : गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित Gaur Green Avenue में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन अब सख्त मोड में आ गया है। फायर विभाग ने शहर की करीब 150 रिहायशी सोसायटियों और कमर्शियल इमारतों को नोटिस जारी किया है। इन सभी जगहों पर आग से बचाव के नियमों की अनदेखी पाई गई है। यह कार्रवाई शुक्रवार, 30 अप्रैल 2026 से शुरू हुई एक विशेष अभियान का हिस्सा है, जो एक हफ्ते तक चलेगा।
किन कमियों की वजह से जारी हुए नोटिस
गाजियाबाद के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) राहुल पाल ने बताया कि जांच में कई गंभीर खामियां मिली हैं। कई सोसायटियों में फायर सिस्टम और पानी की पाइपलाइन खराब पाई गई। कुछ जगहों पर बालकनियों को PVC शीट से ढका गया था, जिससे आग बुझाने में दिक्कत आई। साथ ही, कई इमारतों में अवैध पार्क बनाए गए थे जिससे इमरजेंसी रास्ता बंद हो गया था। विभाग ने अब सभी को 15 दिन के अंदर इन कमियों को ठीक करने और मंथली मॉक ड्रिल करने को कहा है।
इन बड़ी सोसायटियों और कंपनियों पर गिरी गाज
नोटिस पाने वालों में शहर के बड़े बिल्डर्स और नामी सोसायटियां शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से Gaur, Amrapali और Supertech के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
- Supertech Livingston और Supertech Icon
- Gaur Green Vista और Divyansh Fabio Society
- Amrapali Village और Parsvnath Regalia
- Hotel Utsav, Harso Steels और Libra Industries
- Modi Ilva और Swarn Residency
फायर सेफ्टी के लिए क्या हैं जरूरी नियम
फायर विभाग के मुताबिक, सभी इमारतों के फायर सेफ्टी सिस्टम हमेशा ‘ऑटो मोड’ पर होने चाहिए। बिजली के सिस्टम का समय-समय पर ऑडिट होना जरूरी है और बाहर निकलने के रास्तों में कोई सामान नहीं रखा होना चाहिए। हालांकि फायर एनओसी (NOC) 5 साल के लिए मिलती है, लेकिन अक्सर लोग इसे लेने के बाद नियमों का पालन करना छोड़ देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Gaur Green Avenue में आग क्यों लगी और इसका असर क्या हुआ
यह आग एक बंद फ्लैट में इंटीरियर के काम के दौरान लगी थी। इसमें 3 से 5 करोड़ रुपये के फ्लैट जल गए। प्लास्टिक से ढकी बालकनियों की वजह से आग तेजी से फैली।
सोसायटियों को नोटिस मिलने के बाद अब क्या करना होगा
सभी सोसायटियों और कमर्शियल यूनिट्स को 15 दिनों के भीतर अपनी कमियों को ठीक करना होगा। उन्हें अपने इलेक्ट्रिकल सिस्टम का ऑडिट कराना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि फायर सिस्टम चालू स्थिति में हो।