UP : गाजियाबाद में एक 4 साल की बच्ची के साथ हुए यौन शोषण और हत्या के मामले में Supreme Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस केस की जांच के लिए तीन महिला पुलिस अधिकारियों की एक Special Investigation Team (SIT) बनाने क
UP : गाजियाबाद में एक 4 साल की बच्ची के साथ हुए यौन शोषण और हत्या के मामले में Supreme Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस केस की जांच के लिए तीन महिला पुलिस अधिकारियों की एक Special Investigation Team (SIT) बनाने का आदेश दिया है। यह फैसला गाजियाबाद पुलिस की लापरवाही और संवेदनहीनता को देखते हुए लिया गया है।
SIT का गठन और जांच की शर्तें क्या हैं?
Supreme Court ने UP के DGP को निर्देश दिया है कि वह तुरंत SIT का गठन करें। इस टीम की कमान Commissioner या IG रैंक के एक महिला अधिकारी के हाथ में होगी। टीम में कुल तीन महिला अधिकारी होंगी, जिनमें से एक SP या DySP रैंक की और एक DySP या Inspector रैंक की अधिकारी शामिल होंगी। यह टीम शनिवार से ही अपनी जांच शुरू कर देगी और दो हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करेगी।
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
इस दर्दनाक घटना का घटनाक्रम नीचे दी गई टेबल में देखें:
| तारीख |
क्या हुआ |
| 16 मार्च |
पड़ोसी द्वारा बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाया गया |
| 11 अप्रैल 2026 |
गाजियाबाद में एक खड़ी कार के नीचे बच्ची का शव मिला |
| 14 अप्रैल 2026 |
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप और हत्या की पुष्टि हुई, शरीर पर 80 से ज्यादा चोट के निशान मिले |
| 24 अप्रैल 2026 |
Supreme Court ने SIT जांच के आदेश दिए |
पुलिस और अस्पतालों पर क्यों बरसे Supreme Court?
कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस ने FIR दर्ज करने और जांच करने में बहुत ढिलाई बरती। साथ ही, कोर्ट ने उन दो प्राइवेट अस्पतालों (Khajan Singh Mannvi Health Care और St Joseph Hospital) की भूमिका की भी जांच करने को कहा है, जिन्होंने घायल बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया था। इस मामले में बच्ची के सगे मामा जमील उर्फ छोटू को मुख्य आरोपी बनाया गया है और केस में POCSO एक्ट और BNS की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।