Iran के हमलों के बाद GCC देशों में तनाव, बहरीन और कुवैत पर मिसाइल-ड्रोन अटैक; सामूहिक रक्षा की तैयारी

World : खाड़ी देशों के समूह GCC ने ईरान के हमलों के जवाब में अपनी सामूहिक रक्षा रणनीति को मजबूत कर लिया है। बहरीन और कुवैत में हुए ताजा हमलों के बाद सभी सदस्य देशों ने साफ कर दिया है कि वे एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए साथ

World : खाड़ी देशों के समूह GCC ने ईरान के हमलों के जवाब में अपनी सामूहिक रक्षा रणनीति को मजबूत कर लिया है। बहरीन और कुवैत में हुए ताजा हमलों के बाद सभी सदस्य देशों ने साफ कर दिया है कि वे एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए साथ खड़े हैं। इस तनाव के बीच खाड़ी देशों ने अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखा है।

9 जुलाई 2026 को बहरीन और कुवैत ने ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया। बहरीन डिफेंस फोर्स ने बताया कि ईरान लगातार उनके खिलाफ आक्रामक रवैया अपना रहा है और उनकी सभी यूनिट्स पूरी तरह तैयार हैं। वहीं कुवैत की सेना ने तीन बैलिस्टिक मिसाइल, एक क्रूज मिसाइल और दस ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इन हमलों की वजह से दोनों देशों में एयर रेड सायरन बजाए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए। कुवैत में इस हमले से कुछ भौतिक नुकसान हुआ और एक व्यक्ति घायल हो गया।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि उन्होंने बहरीन के पोर्ट सलमान और ईसा एयर बेस समेत कुवैत के अली अल सालेम एयर बेस और कैंप अरिफ़जन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा जॉर्डन ने भी गुरुवार को ईरान से दागी गई आठ मिसाइलों को रोकने की खबर दी है।

GCC देशों ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने ईरान को इन हमलों और इसके बाद होने वाले किसी भी नुकसान का जिम्मेदार ठहराया है। GCC ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सऊदी टैंकर ‘वदियन’ और कतरी टैंकर ‘अल रकायत’ पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की है, क्योंकि इससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई और समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।

सुरक्षा के लिए GCC देश अपने चार्टर और संयुक्त रक्षा समझौते का पालन कर रहे हैं, जिसके तहत एक सदस्य देश पर हमला सभी पर हमला माना जाता है। ब्रिटेन ने भी इस संकट में मदद की है और बहरीन में अपने लाइटवेट मल्टीरोल लॉन्चर तैनात किए हैं, जबकि कतर में टाइफून जेट्स की तैनाती बढ़ा दी है। GCC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन हमलों की निंदा करने और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की मांग की है।