Bihar: अदाणी समूह ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में आंखों के इलाज की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार, 17 मई 2026 को गौतम अदाणी ने सारण जिले के मस्तीचक में दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण आई नेटवर्क की
Bihar: अदाणी समूह ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में आंखों के इलाज की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार, 17 मई 2026 को गौतम अदाणी ने सारण जिले के मस्तीचक में दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण आई नेटवर्क की नींव रखी। इस प्रोजेक्ट का मकसद गांव के लोगों को उनके घर के पास ही आंखों का आधुनिक और सस्ता इलाज मुहैया कराना है।
इस प्रोजेक्ट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस नेटवर्क के तहत मस्तीचक में Adani Centre for Eye Diseases और Adani Training Centre for Ophthalmic Sciences बनाए जाएंगे। यहां आधुनिक मशीनों और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा होगी, जिससे गरीब मरीजों को गंभीर बीमारियों का मुफ्त या बहुत कम दाम में इलाज मिलेगा। लक्ष्य यह है कि हर साल 3 लाख से ज्यादा किफायती और मुफ्त आंखों की सर्जरी की जा सकें। साथ ही, मोबाइल वैन के जरिए दूर-दराज के गांवों में जाकर जांच और इलाज किया जाएगा।
अस्पताल की क्षमता और ट्रेनिंग सेंटर की खासियत
नए कॉम्प्लेक्स के बनने के बाद मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति अस्पताल की कुल क्षमता बढ़कर 1500 बेड हो जाएगी। इसके अलावा, यहां एक ट्रेनिंग सेंटर भी होगा जहां देशभर के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट में अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मिलकर काम कर रहे हैं।
गौतम अदाणी का विजन और सामाजिक मदद
गौतम अदाणी ने इस पहल को अपनी ‘सेवा ही साधना है’ की सोच से प्रेरित बताया। उन्होंने साल 2022 में स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये दान करने का वादा किया था, जिसमें बाद में 10,000 करोड़ रुपये और जोड़े गए थे। यह आई नेटवर्क उसी सामाजिक प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है, जिसका विस्तार आने वाले समय में उत्तर और मध्य भारत के अन्य इलाकों में भी किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में यह आई नेटवर्क कहां बन रहा है?
यह प्रोजेक्ट बिहार के सारण जिले के मस्तीचक गांव में बन रहा है, जो पटना से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इस अस्पताल में मरीजों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
यहां आधुनिक मशीनों से इलाज, मुफ्त या किफायती सर्जरी और मोबाइल वैन के जरिए गांवों में चेकअप की सुविधा मिलेगी। अस्पताल की क्षमता 1500 बेड तक बढ़ाई जाएगी।