Bihar : गंगा नदी के जरिए अब साहिबगंज से पटना तक कोयला और गिट्टी पहुँचाना शुरू हो गया है। यह जलमार्ग भागलपुर से होकर गुजरता है, जिससे यहाँ के व्यापारियों और उद्योगों को काफी फायदा होगा। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण
Bihar : गंगा नदी के जरिए अब साहिबगंज से पटना तक कोयला और गिट्टी पहुँचाना शुरू हो गया है। यह जलमार्ग भागलपुर से होकर गुजरता है, जिससे यहाँ के व्यापारियों और उद्योगों को काफी फायदा होगा। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने इसकी पुष्टि की है कि यह सेवा माल ढुलाई को सस्ता और तेज बनाएगी।
किन पावर प्लांट और उद्योगों को होगा फायदा
इस नई व्यवस्था से सबसे ज्यादा लाभ NTPC बाढ़ और बरौनी थर्मल पावर प्लांट को मिलेगा, क्योंकि अब उन्हें कोयला आसानी से मिल सकेगा। आने वाले समय में इस सेवा को वाराणसी तक बढ़ाने की तैयारी है। क्षेत्रीय व्यापार को और मजबूत करने के लिए अलग-अलग जगहों पर जेटी (घाट) भी बनाए जाएंगे।
जलमार्ग विकास से जुड़ी मुख्य बातें
- साहिबगंज-भागलपुर-पटना रूट पर माल ढुलाई विधिवत शुरू हो गई है।
- वाराणसी से हल्दिया तक मालवाहक जहाजों का संचालन पहले से जारी है।
- वाराणसी से कानपुर तक जलमार्ग जोड़ने के लिए तकनीकी सर्वे का काम चल रहा है।
- राष्ट्रीय जलमार्ग-1 की क्षमता बढ़ाने के लिए 5369.18 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है।
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश की कुल माल ढुलाई में जलमार्ग की हिस्सेदारी को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया जाए। इसके लिए सड़क, रेलवे और जलमार्ग के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा रहा है। भागलपुर में नदी की गहराई 3 मीटर तक करने के लिए ड्रेजिंग का काम भी चल रहा है ताकि बड़े जहाज आसानी से आ-जा सकें।