France में भीषण गर्मी का कहर, जून के हीटवेव में 2,000 से ज्यादा मौतें, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

World : फ्रांस में जून के महीने में आई भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हीटवेव के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और अभी भी यह आंकड़ा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री Stephanie Rist ने बत

World : फ्रांस में जून के महीने में आई भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हीटवेव के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और अभी भी यह आंकड़ा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री Stephanie Rist ने बताया कि क्षेत्रीय डेटा आने के बाद मौतों की कुल संख्या और ज्यादा हो सकती है।

फ्रांस की पब्लिक हेल्थ एजेंसी (Santé publique France) ने शुरुआती रिपोर्ट में 24 जून से करीब 1,000 अतिरिक्त मौतों की बात कही थी, जिनमें 85% लोग 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे। वहीं, INSEE के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 22 से 28 जून के बीच देश में 2,025 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। इस दौरान कुल 9,000 मौतों का इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट जारी हुआ, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले 29.1% की बढ़ोतरी है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा असलियत से कम हो सकता है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट केवल 60% मौतों को कवर करते हैं।

इस संकट के दौरान प्रधानमंत्री Sebastien Lecornu ने 25 जून को स्वास्थ्य आपातकाल योजना के तहत उच्चतम स्तर का अलर्ट जारी किया था। इंटीरियर मिनिस्टर Laurent Nunez ने बताया कि दमकल कर्मियों ने गर्मी से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए करीब 1,22,000 ऑपरेशन किए। वहीं, SOS-Médecins ने पाया कि जून के आखिरी दो हफ्तों में 75 साल से ऊपर के बुजुर्गों की मौतों में 85% का इजाफा हुआ।

स्वास्थ्य मंत्री Stephanie Rist ने साफ किया कि हालांकि मौतों की संख्या सामान्य से ज्यादा है, लेकिन यह 2003 की आपदा जैसा नहीं होगा जब करीब 15,000 लोग मारे गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि भीषण गर्मी का असर शरीर पर धीरे-धीरे होता है, जिससे पुरानी बीमारी वाले लोगों और युवाओं पर भी कई हफ्तों तक असर रह सकता है।

इस पूरे मामले को लेकर फ्रांस में राजनीतिक घमासान मच गया है। ग्रीन पार्टी के सांसदों ने सरकार की लापरवाही का आरोप लगाते हुए 2 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव का समर्थन ग्रीन, फ्रांस अनबाउंड और सोशलिस्ट सांसदों ने किया है, जिस पर 6 जुलाई को चर्चा होगी। राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने सरकार की जलवायु नीतियों का बचाव किया है। अब फ्रांस और स्पेन में एक और हीटवेव आने की संभावना है, जहां तापमान 44°C तक जा सकता है।