France में भीषण गर्मी का कहर, घरों में मौतों की संख्या 40% बढ़ी; पेरिस के अस्पतालों में बढ़ी भीड़

World : फ्रांस में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। इस हीटवेव की वजह से निजी घरों में होने वाली मौतों में 40% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर पेरिस और उसके आसपास के इलाकों में द

World : फ्रांस में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। इस हीटवेव की वजह से निजी घरों में होने वाली मौतों में 40% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर पेरिस और उसके आसपास के इलाकों में देखा गया है, जहां हालात काफी गंभीर रहे हैं।

नेशनल पब्लिक हेल्थ एजेंसी (Santé Publique France) के मुताबिक, 24 से 28 जून के बीच करीब 1,000 अतिरिक्त मौतें हुईं। बुधवार को रोजाना होने वाली मौतों का आंकड़ा 1,200 के पार गया, जबकि गुरुवार और शुक्रवार को यह संख्या 1,400 से ज्यादा रही। आम तौर पर अप्रैल और मई के महीनों में यह आंकड़ा 900 से 1,000 के बीच रहता था।

इस आपदा में सबसे ज्यादा बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं और पुष्टि की गई मौतों में से 85% लोग 65 साल या उससे अधिक उम्र के थे। पेरिस के पब्लिक अस्पतालों (AP-HP) के डायरेक्टर ने बताया कि इमरजेंसी डिपार्टमेंट पूरी तरह भर चुके हैं। हीटवेव शुरू होने के बाद से हार्ट अटैक के लिए आने वाली कॉल्स दोगुनी हो गई हैं। शुक्रवार को अकेले 24 घंटे के भीतर पेरिस की इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (Samu) ने घरों और सार्वजनिक जगहों पर 109 मौतें दर्ज कीं।

विवरण आंकड़े/जानकारी
घरों में मौतें 40% की वृद्धि
कुल अतिरिक्त मौतें लगभग 1,000 (24-28 जून)
सबसे प्रभावित उम्र 65 वर्ष से अधिक (85% मौतें)
दूबने से मौतें 74 लोग (पूरे देश में)
पेरिस इमरजेंसी मौतें 109 मौतें (एक दिन में)

स्वास्थ्य मंत्री Stéphanie Rist ने चेतावनी दी है कि तापमान कम होने के बाद भी इसका असर अगले दस दिनों तक रह सकता है। वहीं खेल मंत्री Marina Ferrari ने बताया कि गर्मी के कारण लोग अनधिकृत जगहों पर नहाने गए, जिससे देशभर में 74 लोगों की डूबने से मौत हो गई। पेरिस के मुर्दाघरों में जगह खत्म होने के कारण वहां अस्थायी स्टोरेज यूनिट लगाने पड़े हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों द्वारा बढ़ाए गए क्लाइमेट चेंज की वजह से ही रात के तापमान में ऐसी बढ़ोत्तरी हुई है।