UP : ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) में एक बार फिर रफ्तार का रोमांच देखने को मिल सकता है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने संकेत दिए हैं कि साल 2027 तक भारत में Formula 1 की वापसी होगी। करीब 13 साल के
UP : ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) में एक बार फिर रफ्तार का रोमांच देखने को मिल सकता है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने संकेत दिए हैं कि साल 2027 तक भारत में Formula 1 की वापसी होगी। करीब 13 साल के लंबे इंतजार के बाद अब सरकार इस रेस को वापस लाने की तैयारी कर रही है।
Formula 1 की वापसी और सरकार की तैयारी क्या है?
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2027 तक भारत में F1 रेस जरूर होगी। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया की बारीकियों को तय करने में अभी करीब छह महीने का समय लगेगा। सरकार उन टैक्स संबंधी समस्याओं को दूर करने में जुटी है जिनकी वजह से पहले यह रेस बंद हुई थी। पहले इसे ‘खेल’ के बजाय ‘मनोरंजन’ माना जाता था, जिससे टैक्स बहुत ज्यादा देना पड़ता था।
रेस को लेकर क्या हैं चुनौतियां और विवाद?
एक तरफ जहां सरकार उम्मीद जता रही है, वहीं Formula 1 की पैरेंट कंपनी Liberty Media के सूत्रों का कहना है कि 2027 में रेस होना मुश्किल है। F1 मीडिया ने सीधे तौर पर कहा है कि 2027 में रेस नहीं होगी क्योंकि इसकी तैयारी में बहुत समय लगता है। हालांकि, उन्होंने यह माना कि भारत में F1 का बहुत बड़ा फैनबेस है और यह एक दिलचस्प मार्केट है।
कौन-कौन सी कंपनियां और संस्थाएं जुड़ी हैं?
इस प्रोजेक्ट को लेकर कई बड़े नाम चर्चा में हैं। सरकार और Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI) इस दिशा में काम कर रहे हैं। साथ ही, ट्रैक के मालिकाना हक और संचालन को लेकर भी हलचल है:
| संस्था/कंपनी |
भूमिका/रुचि |
| Adani Group |
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को खरीदने और रेस शुरू करने में रुचि |
| FMSCI |
Formula One के साथ बातचीत और फ्रेमवर्क तैयार करना |
| Liberty Media |
F1 कैलेंडर और इवेंट्स का अंतिम फैसला लेना |
| FIA |
रेस की अंतिम मंजूरी देना |