Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में गुलाबी फ्लेमिंगो पक्षियों का आगमन इस बार काफी देर से हुआ है। आमतौर पर ये पक्षी अक्टूबर-नवंबर में आ जाते हैं, लेकिन इस साल इन्हें अप्रैल के दूसरे हफ्ते में देखा गया। ठाणे क्रीक
Maharashtra: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में गुलाबी फ्लेमिंगो पक्षियों का आगमन इस बार काफी देर से हुआ है। आमतौर पर ये पक्षी अक्टूबर-नवंबर में आ जाते हैं, लेकिन इस साल इन्हें अप्रैल के दूसरे हफ्ते में देखा गया। ठाणे क्रीक सैंक्चुअरी और भांडुप पंपिंग स्टेशन में इन पक्षियों की मौजूदगी से प्रकृति प्रेमियों में खुशी है, हालांकि विशेषज्ञों ने इस देरी पर चिंता जताई है।
फ्लेमिंगो कब और कहां देखे गए?
14 अप्रैल 2026 को नवी मुंबई के NRI और TS चानक्या वेटलैंड्स में पहला झुंड देखा गया। इसके बाद पिछले एक हफ्ते में ठाणे क्रीक और भांडुप पंपिंग स्टेशन में भी ये पक्षी नजर आए। दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में भी कुछ छोटे समूह देखे गए थे, लेकिन मुख्य झुंड अप्रैल में पहुंचा। अब ये पक्षी जून में मानसून शुरू होने तक यहां रहेंगे।
देरी से आने की मुख्य वजह क्या है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलाव के कारण यह देरी हुई है। पक्षियों के आने और उनकी संख्या को लेकर कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं:
- गुजरात का मौसम: कच्छ के रन में मानसून लंबा चला, जिससे वहां शैवाल (Algae) ज्यादा बढ़ गया, जो फ्लेमिंगो का मुख्य भोजन है। इसी वजह से वे वहां ज्यादा रुके रहे।
- पर्यावरण में बदलाव: NatConnect Foundation के B.N. कुमार ने बताया कि हैबिटेट में खतरे और क्लाइमेट चेंज की वजह से उनकी संख्या कम हो रही है।
- विदेशी मूल: शोधकर्ता मृगांक प्रभु के अनुसार, ठाणे क्रीक में दिखे करीब 300 ग्रेटर फ्लेमिंगो दक्षिण अफ्रीका और यूरोप से आए हैं।
पर्यटकों और पर्यावरण के लिए क्या अपडेट है?
भांडुप पंपिंग स्टेशन पर 18 अप्रैल 2026 से 10 मई 2026 तक फ्लेमिंगो बोट सफारी का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता DPS झील को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने की मांग कर रहे हैं ताकि इन पक्षियों का घर सुरक्षित रहे। CIDCO पर वेटलैंड्स की अनदेखी करने के आरोप भी लगे हैं, जिसके चलते एक्टिविस्ट अब सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।