Maharashtra: रायगढ़ किले पर निर्माण सामग्री ढोने वाले पांच गधों की मौत का मामला सामने आया है। इन जानवरों के शवों को किले से करीब 6 किलोमीटर दूर कोंझर घाट पर फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों ने जब शवों से आने वाली बदबू महसूस
Maharashtra: रायगढ़ किले पर निर्माण सामग्री ढोने वाले पांच गधों की मौत का मामला सामने आया है। इन जानवरों के शवों को किले से करीब 6 किलोमीटर दूर कोंझर घाट पर फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों ने जब शवों से आने वाली बदबू महसूस की, तब इस घटना का पता चला।
गधों की मौत और शवों को फेंकने का मामला क्या है?
रायगढ़ किले पर संरक्षण कार्य के लिए Raigad Development Authority (RDA) के तहत कई ठेकेदार काम कर रहे हैं। ये ठेकेदार सामान ले जाने के लिए गधों का इस्तेमाल करते हैं। आरोप है कि मुनाफे के चक्कर में ठेकेदारों ने रोपवे के बजाय गधों का सहारा लिया। हाल ही में पांच गधों की मौत हो गई, जिन्हें बिना किसी अंतिम संस्कार के घाट पर फेंक दिया गया।
ठेकेदारों पर क्या आरोप लगे हैं?
- गधों को पर्याप्त खाना और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं देना।
- बढ़ती गर्मी के बावजूद जानवरों से ज्यादा काम लेना।
- मरने के बाद शवों को खुले में फेंककर गंदगी फैलाना।
- मुनाफा कमाने के लिए जानवरों का शोषण करना।
इस घटना पर अधिकारियों और स्थानीय लोगों का क्या कहना है?
स्थानीय निवासी और एक्टिविस्ट दीपक स्वाइन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ASI के एक कर्मचारी ने बताया कि पिछले 4-5 सालों में करीब 20 से 30 गधों की मौत हो चुकी है। वहीं, Animal Husbandry Department और पशुपालन विकास कार्यालय ने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है।