UP : फिरोजाबाद के अधिवक्ताओं ने लखनऊ में वकीलों के चैंबर हटाए जाने और पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 17 मई को हुई इस घटना के बाद प्रदेश के कई शहरों में वकीलों में भारी नाराजगी है। फिरोजाबाद और
UP : फिरोजाबाद के अधिवक्ताओं ने लखनऊ में वकीलों के चैंबर हटाए जाने और पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 17 मई को हुई इस घटना के बाद प्रदेश के कई शहरों में वकीलों में भारी नाराजगी है। फिरोजाबाद और टूंडला के अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लखनऊ में क्या हुआ था और पुलिस का क्या कहना है
इलाहाबाद High Court की लखनऊ पीठ के आदेश पर नगर निगम ने कोर्ट परिसर के पास करीब 240 अवैध चैंबरों को गिराया था। इस दौरान वकीलों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लखनऊ पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई थी और कुछ असामाजिक तत्वों ने काम में बाधा डाली, जिन्हें हटाने के लिए जरूरी बल का इस्तेमाल किया गया।
फिरोजाबाद और अन्य शहरों में विरोध का क्या असर रहा
फिरोजाबाद के टूंडला बार एसोसिएशन ने 19 मई को प्रदर्शन किया और एसडीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। वकीलों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उन पर मुकदमा चलाया जाए और किसी रिटायर्ड या वर्तमान जज से इसकी जांच कराई जाए। इसके अलावा लखनऊ, वाराणसी, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात के वकीलों ने भी हड़ताल की और न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।
वकीलों की मुख्य मांगें क्या हैं
- घायल वकीलों का मुफ्त इलाज और उचित मुआवजा मिले।
- लाठीचार्ज के दौरान वकीलों पर दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं।
- दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- वकीलों की सुरक्षा के लिए ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू किया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों के चैंबर क्यों तोड़े गए?
इलाहाबाद High Court की लखनऊ पीठ ने कोर्ट परिसर के पास बने लगभग 240 अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया था, जिसके पालन में नगर निगम ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।
फिरोजाबाद के अधिवक्ताओं ने क्या मांग की है?
फिरोजाबाद के वकीलों ने घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन और घायल वकीलों के लिए मुआवजे की मांग की है।