Delhi में तनाव: शंभू बॉर्डर पर जमे किसान और जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन, सुरक्षा बढ़ाई गई
Delhi: देश की राजधानी में एक साथ दो बड़े विरोध प्रदर्शनों की वजह से माहौल तनावपूर्ण रहा। एक तरफ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के किसान शंभू बॉर्डर पर डटे रहे, वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर युवाओं के संगठन Cockroach Janta Party
Delhi: देश की राजधानी में एक साथ दो बड़े विरोध प्रदर्शनों की वजह से माहौल तनावपूर्ण रहा। एक तरफ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के किसान शंभू बॉर्डर पर डटे रहे, वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर युवाओं के संगठन Cockroach Janta Party (CJP) ने अपना आंदोलन जारी रखा। इन दोनों प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली और बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करने और MSP की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली के किसान घाट की ओर बढ़ रहे थे। हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग की और 27 जुलाई तक धारा 163 (BNSS) लागू कर दी, जिससे 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद किसानों ने बॉर्डर पर ही प्रदर्शन करने का फैसला किया।
मामले को सुलझाने के लिए हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और अंबाला के उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने किसान नेताओं से बात की। सरकार ने एक हफ्ते से दस दिन के भीतर केंद्र सरकार के साथ बैठक कराने और हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का भरोसा दिया। इस आश्वासन के बाद 21 जुलाई की शाम तक किसानों ने दिल्ली मार्च रोक दिया और प्रशासन ने बैरिकेड्स हटाना शुरू कर दिया, हालांकि हरियाणा के कुछ किसान अभी भी पैदल दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।
दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 24वें दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक और CBSE की मार्किंग में गड़बड़ी के खिलाफ है, जिसमें शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है। 20 जुलाई को जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, तो पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई, जिसमें करीब 160 लोग घायल हुए और 70 को हिरासत में लिया गया।
इस आंदोलन को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे बड़े विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अभी भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिन्हें कोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा पेलेट गन इस्तेमाल करने के आरोपों को गलत बताया है, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में याचिका पर सुनवाई करेगा।