Maharashtra, Delhi में नकली नोटों का बड़ा रैकेट भंडाफोड़, नवी मुंबई से चल रही थी हाई-टेक प्रिंटिंग यूनिट
Maharashtra/Delhi: दिल्ली और मुंबई पुलिस ने एक साथ मिलकर नकली नोट छापने वाले एक बड़े अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह पूरा खेल नवी मुंबई में चल रहा था, जहां से नकली नोट छापकर दिल्ली के बाजारों में खपाने की साजि
Maharashtra/Delhi: दिल्ली और मुंबई पुलिस ने एक साथ मिलकर नकली नोट छापने वाले एक बड़े अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह पूरा खेल नवी मुंबई में चल रहा था, जहां से नकली नोट छापकर दिल्ली के बाजारों में खपाने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और नोट छापने वाली हाई-टेक मशीनें बरामद की हैं।
इस मामले की शुरुआत 29 जून 2026 को हुई, जब दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में एक दुकानदार ने पुलिस को कुछ संदिग्ध नोटों की जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसी दिन नटराज मोहन कंचन को गिरफ्तार किया। इसके बाद 30 जून को सुभाष चंद्र को पकड़ा गया, जो दिल्ली में इन नकली नोटों को बांटने और खपाने का काम संभाल रहा था। गिरोह का सबसे मुख्य खिलाड़ी विनोद मुन्नीलाल जायसवाल था, जिसे 13 जुलाई 2026 को नवी मुंबई रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। विनोद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए नकली नोटों के डिजाइन तैयार करता था।
पुलिस ने नवी मुंबई में नटराज मोहन कंचन के घर पर छापेमारी की, जहां एक गुप्त प्रिंटिंग यूनिट चल रही थी। वहां से पुलिस ने कुल 299 नकली नोट जब्त किए हैं। बरामद सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:
| सामग्री | विवरण |
|---|---|
| नकली नोट | 286 नोट (100 रुपये), 13 नोट (500 रुपये) और 6 नमूने वाले 500 रुपये के नोट |
| मशीनें | लैपटॉप, प्रिंटर और लैमिनेशन मशीन |
| कच्चा माल | वॉटरमार्क पेपर, विशेष पेपर रोल और कटर |
| अन्य सामान | सुरक्षा धागे के लिए हरी चमकीली पन्नी/पॉलीथीन रोल |
पुलिस ने आम जनता और दुकानदारों से अपील की है कि वे लेन-देन के समय नोटों की अच्छी तरह जांच करें ताकि ऐसे फर्जीवाड़े से बचा जा सके।