Karnataka: बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से ठीक पहले सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली। यह घटना 10 मई 2026 को बेंगलुरु-कनकपुरा नेशनल हाईवे पर वडेराहल्ली गेट के पास हुई। पुलिस ने मौके से
Karnataka: बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से ठीक पहले सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली। यह घटना 10 मई 2026 को बेंगलुरु-कनकपुरा नेशनल हाईवे पर वडेराहल्ली गेट के पास हुई। पुलिस ने मौके से जिलेटिन स्टिक्स और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था।
क्या मिला और कितनी खतरनाक थी यह डिवाइस?
पुलिस कांस्टेबल जगदीश डोडामनी ने सड़क से करीब 20-25 फीट दूर एक संदिग्ध पैकेट देखा। जब Bomb Detection and Disposal Squad (BDDS) ने इसकी जांच की, तो अंदर जिलेटिन स्टिक्स, बैटरी, तार और एक कच्चा सर्किट मिला। हालांकि, जांच में पता चला कि इसमें लगा टाइमर पुराना था और कोई चालू डेटोनेटर नहीं था। अधिकारियों ने साफ किया कि यह डिवाइस उस हालत में तुरंत ब्लास्ट करने के लिए सक्षम नहीं थी।
जांच में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस के साथ National Investigation Agency (NIA), NSG और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने मोर्चा संभाला। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने जिलेटिन स्टिक्स की बरामदगी की पुष्टि की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या सिर्फ डर फैलाने के लिए किया गया प्रयास था। Kaggalipura पुलिस स्टेशन में Explosive Substances Act के तहत FIR दर्ज की गई है।
क्या किसी की गिरफ्तारी हुई है?
पुलिस ने लोहित नाम के एक 40 साल के व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसने पुलिस कंट्रोल रूम को धमकी भरे फोन किए थे। उसने दावा किया था कि HAL और आर्ट ऑफ लिविंग परिसर के पास धमाके होंगे। हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि लोहित का इन बरामद जिलेटिन स्टिक्स से कोई सीधा संबंध नहीं हो सकता है, क्योंकि वह पहले भी ऐसी फर्जी धमकियां दे चुका है और मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या प्रधानमंत्री मोदी को कोई खतरा था?
घटना 10 मई को सुबह 10:30 बजे हुई, जबकि पीएम का आगमन 11 बजे होना था। पुलिस के मुताबिक, बरामद डिवाइस में चालू डेटोनेटर और वर्किंग टाइमर नहीं था, इसलिए तत्काल धमाके का खतरा नहीं था।
विस्फोटक कहां से आए, इसकी क्या जानकारी है?
जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या ये विस्फोटक किसी कमर्शियल माइनिंग (quarry) से चोरी हुए थे या जानबूझकर सुरक्षा अलार्म बजाने के लिए वहां रखे गए थे।