Maharashtra: मुंबई आई एक यूरोपीय पर्यटक Liza ने भारत के मेडिकल टेस्टिंग सिस्टम को लेकर अपना अनुभव साझा किया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Liza ने बताया कि उन्हें मुंबई के एक क्लिनिक में बहुत कम इंतजार करना पड
Maharashtra: मुंबई आई एक यूरोपीय पर्यटक Liza ने भारत के मेडिकल टेस्टिंग सिस्टम को लेकर अपना अनुभव साझा किया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Liza ने बताया कि उन्हें मुंबई के एक क्लिनिक में बहुत कम इंतजार करना पड़ा और उनके ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट बहुत तेजी से मिल गई। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की सादगी और रफ्तार की जमकर सराहना की है।
Liza को भारत का हेल्थ सिस्टम कैसा लगा?
Liza भारत में यात्रा कर रही हैं और एक हेल्थ प्रोग्राम के तहत उन्होंने 12 ब्लड मार्कर्स का टेस्ट करवाया। उन्होंने बताया कि टेस्ट की प्रक्रिया बहुत आसान थी और उन्हें कोई लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ा। सबसे खास बात यह रही कि उन्हें टेस्ट के 24 घंटे के भीतर डिजिटल रिपोर्ट सीधे WhatsApp पर मिल गई। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि उनके कॉफी ऑर्डर करने की प्रक्रिया इससे ज्यादा उलझी हुई होती है।
टेस्ट का खर्च और सुविधा कितनी थी?
Liza ने बताया कि इस टेस्ट के लिए उन्होंने लगभग 72 यूरो खर्च किए। उनके मुताबिक यह कीमत थोड़ी ज्यादा थी, लेकिन जिस तरह की सुविधा और स्पीड उन्हें मिली, उसने इस खर्च को सही ठहराया। भारत सरकार भी अब ‘Heal in India’ जैसे प्रोग्राम और e-AYUSH वीजा के जरिए देश को मेडिकल टूरिज्म का ग्लोबल हब बनाने की कोशिश कर रही है।
मेडिकल टूरिज्म के लिए भारत क्यों है खास?
भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल डॉक्टरों की वजह से विदेशी मरीज यहां आते हैं। पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत में इलाज का खर्च 80% तक कम होता है। NABH जैसी संस्थाएं यहां अस्पतालों में क्वालिटी और सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने भी फरवरी 2026 में कहा था कि सरकार अलग-अलग मंत्रालयों और रेगुलेटर्स के बीच तालमेल बढ़ा रही है ताकि मेडिकल टूरिज्म को और बेहतर बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूरोपीय पर्यटक Liza को मुंबई में क्या सुविधा मिली?
Liza ने 12 ब्लड मार्कर्स का टेस्ट करवाया, जिसमें उन्हें न्यूनतम वेटिंग टाइम मिला और 24 घंटे के अंदर WhatsApp पर डिजिटल रिपोर्ट प्राप्त हुई।
भारत सरकार मेडिकल टूरिज्म को कैसे बढ़ावा दे रही है?
सरकार ‘Heal in India’ प्रोग्राम और e-AYUSH वीजा जैसी सुविधाओं के जरिए आधुनिक और पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को जोड़कर भारत को ग्लोबल हब बना रही है।