Delhi और Rajasthan के बिजली सेक्टर में बड़े सुधार की तैयारी शुरू हो गई है। Global Energy Alliance for People and Planet (GEAPP) ने भारत सरकार की Startup India पहल के साथ मिलकर ENTICE 3.0 प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस चैलें
Delhi और Rajasthan के बिजली सेक्टर में बड़े सुधार की तैयारी शुरू हो गई है। Global Energy Alliance for People and Planet (GEAPP) ने भारत सरकार की Startup India पहल के साथ मिलकर ENTICE 3.0 प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस चैलेंज का मुख्य मकसद बिजली ग्रिड से जुड़ी दो बड़ी समस्याओं का समाधान खोजना है। अगर आपके पास बिजली बचाने या ग्रिड को बेहतर बनाने का कोई नया आईडिया है, तो आप इसमें हिस्सा ले सकते हैं। इसमें चुने गए स्टार्टअप्स को असली बिजली कंपनियों के साथ काम करने और अपनी तकनीक को परखने का मौका मिलेगा।
ENTICE 3.0 में किन समस्याओं पर काम करना होगा?
इस बार चैलेंज में दो मुख्य विषयों पर फोकस किया गया है। पहला है बिना लिथियम वाली एनर्जी स्टोरेज तकनीक तैयार करना, जिसे लोकल लेवल पर बिजली की मांग को मैनेज करने के लिए लगाया जा सके। दूसरा काम AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जो बिजली कंपनियों को यह बताने में मदद करे कि भविष्य में बिजली की कितनी मांग होगी। इससे बिजली कटौती कम करने और सप्लाई बेहतर करने में मदद मिलेगी। जो स्टार्टअप्स इसमें शॉर्टलिस्ट होंगे, उन्हें तीन दिन के ट्रेनिंग कैंप में एक्सपर्ट्स से सलाह भी दी जाएगी।
विजेताओं को मिलने वाले फायदे और अवसर
इस चैलेंज में हिस्सा लेने वाले क्लीन-टेक इनोवेटर्स के लिए कई बड़े इनाम और मौके रखे गए हैं:
- विजेताओं को 1 लाख डॉलर यानी करीब 83 लाख रुपये तक का टेक्निकल असिस्टेंस ग्रांट मिल सकता है।
- दिल्ली की BRPL और जयपुर की JVVNL जैसी बड़ी बिजली कंपनियों के साथ प्रोजेक्ट शुरू करने का मौका मिलेगा।
- शॉर्टलिस्ट हुए स्टार्टअप्स को बड़े निवेशकों के सामने अपना आईडिया पेश करने का अवसर दिया जाएगा।
- एक्सपर्ट्स की मदद से स्टार्टअप को बड़ा बनाने और नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा।
- पिछले साल इस प्रोग्राम में 400 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था और कई को पार्टनरशिप का मौका मिला था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ENTICE 3.0 में आवेदन कौन कर सकता है?
इसमें क्लीन-टेक सेक्टर में काम करने वाले कोई भी इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स हिस्सा ले सकते हैं जिनके पास ग्रिड सुधार के लिए बेहतर समाधान हो।
विजेताओं को कहाँ काम करने का मौका मिलेगा?
चुने गए स्टार्टअप्स को दिल्ली की BSES Rajdhani (BRPL) और जयपुर की JVVNL जैसी सरकारी और निजी बिजली कंपनियों के साथ पायलट प्रोजेक्ट करने का मौका मिलेगा।
इसमें कितनी राशि की मदद दी जा रही है?
इस प्रोग्राम के तहत योग्य स्टार्टअप्स को 1 लाख डॉलर यानी करीब 83 लाख रुपये तक की तकनीकी सहायता राशि दी जाएगी।