Delhi, Punjab: चुनाव आयोग अब दिल्ली और पंजाब समेत देश के 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने जा रहा है। इसके लिए विशेष सघन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का काम जल्द
Delhi, Punjab: चुनाव आयोग अब दिल्ली और पंजाब समेत देश के 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने जा रहा है। इसके लिए विशेष सघन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का काम जल्द शुरू होगा। आयोग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है और उम्मीद है कि अगले हफ्ते इसका शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। इस अभियान के जरिए वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने की कोशिश की जा रही है।
वोटर लिस्ट सुधार प्रक्रिया में क्या-क्या काम होगा?
चुनाव आयोग ने इस अभियान के लिए 19 फरवरी 2026 को ही संबंधित राज्यों को तैयारी के निर्देश दिए थे। इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य रूप से तीन बड़े काम किए जाएंगे। पहला, 1 जनवरी 2026 तक 18 साल के हो चुके नए युवाओं का नाम लिस्ट में जोड़ा जाएगा। दूसरा, लिस्ट से उन लोगों के नाम हटाए जाएंगे जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो अब उस पते पर नहीं रहते हैं। तीसरा, डुप्लीकेट नामों को हटाकर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाया जाएगा ताकि चुनाव के समय किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
इन राज्यों में प्रशासन और अधिकारियों की क्या भूमिका है?
इस काम को पूरा करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य चुनाव मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जमीन पर उतरकर वेरिफिकेशन का काम करेंगे। BLO घर-घर जाकर मतदाताओं के डेटा का मिलान करेंगे। जिन लोगों के नाम कटने हैं या जो नए नाम जुड़ने हैं, उनकी जांच पूरी सावधानी के साथ की जाएगी ताकि किसी भी योग्य नागरिक का वोट देने का हक न छीने।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वोटर लिस्ट सुधार का यह अभियान कब से शुरू होगा?
चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और अगले हफ्ते इस अभियान की तारीखों का आधिकारिक एलान किया जा सकता है।
इस बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए क्या तारीख तय की गई है?
इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के लिए पात्रता की तारीख 1 जनवरी 2026 रखी गई है, यानी इस दिन तक 18 साल के होने वाले युवा अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
क्या यह प्रक्रिया केवल दिल्ली और पंजाब में होगी?
नहीं, यह अभियान दिल्ली और पंजाब के साथ-साथ देश के कुल 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जाएगा।