Education Report Card: देश का एक भी जिला टॉप ग्रेड पर नहीं, दिल्ली और हरियाणा समेत राज्यों की ग्रेडिंग जारी

Education Report Card : शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है. इस रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे देश का एक भी जिला सर्वोच्च ‘उत्कर्ष’ ग्रेड हासिल नहीं कर पाया है. यह र

Education Report Card : शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है. इस रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे देश का एक भी जिला सर्वोच्च ‘उत्कर्ष’ ग्रेड हासिल नहीं कर पाया है. यह रिपोर्ट 2024-25 और 2025-26 के डेटा पर आधारित है, जिसमें स्कूलों की पढ़ाई की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की जांच की गई है.

शिक्षा मंत्रालय ने Performance Grading Index (PGI) 2.0 के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग ग्रेड में बांटा है. इसमें सबसे ऊंचा ग्रेड ‘उत्कर्ष’ है, जिसके लिए 90% से ज्यादा अंक चाहिए होते हैं, लेकिन कोई भी जिला इस स्तर तक नहीं पहुंच सका. 2025-26 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक जिले ने ‘उत्तम-1’ ग्रेड पाया है, जबकि 13 जिले ‘उत्तम-2’ श्रेणी में रहे हैं.

राज्यों की बात करें तो चंडीगढ़ ‘उत्तम-3’ ग्रेड के साथ सबसे आगे रहा है. दिल्ली, पंजाब और केरल जैसे राज्य ‘प्रचेष्टा-1’ श्रेणी में रहे हैं. वहीं हरियाणा ‘प्रचेष्टा-3’ ग्रेड में शामिल है. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्य अभी भी ‘आकांक्षी-1’ श्रेणी में हैं, जो उनकी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को बताता है.

दिल्ली के लिए रिपोर्ट में कुछ अच्छी बातें भी हैं. दिल्ली के चार जिले देश के टॉप 19 जिलों की लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. डिजिटल लर्निंग के मामले में दिल्ली का दक्षिण जिला 39 अंकों के साथ पहले नंबर पर है, जबकि नई दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम-बी जिलों ने 36-36 अंक हासिल किए हैं.

हरियाणा की स्थिति पर नजर डालें तो वह ‘प्रचेष्टा-3’ ग्रेड में है, लेकिन ASER 2024 की रिपोर्ट बताती है कि वहां साक्षरता और गणित की बुनियादी समझ में सुधार हुआ है और यह राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. इस पूरी रिपोर्ट के लिए डेटा UDISE+, PARAKH और PM POSHAN जैसे सरकारी पोर्टल से लिया गया है. एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि भारत में स्कूल शिक्षकों की कुल संख्या अब 1 करोड़ के पार पहुंच गई है.