Noida में World Trade Tower प्रोजेक्ट पर ED की नजर, नोएडा प्राधिकरण से मांगे जमीन के दस्तावेज

UP/Noida: सेक्टर-16 में बन रहे World Trade Tower (WTT) प्रोजेक्ट को लेकर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्ती शुरू कर दी है। ED की लखनऊ यूनिट ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े विस्तृत दस्तावेज नोएडा प्राधिकरण से मांगे हैं। जांच के

UP/Noida: सेक्टर-16 में बन रहे World Trade Tower (WTT) प्रोजेक्ट को लेकर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्ती शुरू कर दी है। ED की लखनऊ यूनिट ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े विस्तृत दस्तावेज नोएडा प्राधिकरण से मांगे हैं। जांच के लिए ED की एक टीम लखनऊ जाने वाली है, जिससे इस प्रोजेक्ट में वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज हो जाएगी।

यह पूरा मामला मार्च 2010 में आवंटित की गई जमीन से जुड़ा है। यह जमीन ET Infra Developers Pvt Ltd को वर्ल्ड ट्रेड टावर प्रोजेक्ट के लिए दी गई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस प्रोजेक्ट में पैसों की हेराफेरी हुई है। इसी कड़ी में SFIO की एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी कि ग्राहकों से बड़ी रकम वसूली गई, लेकिन निर्माण कार्य बहुत कम हुआ और फंड्स को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया।

इस प्रोजेक्ट के साथ कई विवाद जुड़े रहे हैं। जुलाई 2013 में नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डिंग रेगुलेशन 2010 का हवाला देते हुए बिल्डर की ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद NGT ने ओखला बर्ड सेंचुरी के पास निर्माण पर रोक लगा दी थी, जिससे काम और धीमा हो गया।

WTC ग्रुप की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। फरवरी 2026 में World Trade Centers Association (WTCA) ने लाइसेंस एग्रीमेंट खत्म कर दिया है और ब्रांड के इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी में है। वहीं ग्रुप के आशीष भल्ला के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के कई मामले दर्ज हैं। ED ने मई 2025 में एक आदेश जारी किया था, जिसमें बताया गया कि WTC ग्रुप की कंपनियों ने देशभर के प्रोजेक्ट्स के लिए ग्राहकों से करीब 43,640 करोड़ रुपये जुटाए थे।