Maharashtra, Gujarat: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को मुंबई और गुजरात के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई दाऊद इब्राहिम के करीबी बताए जाने वाले सलीम डोला के ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई है। ED
Maharashtra, Gujarat: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को मुंबई और गुजरात के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई दाऊद इब्राहिम के करीबी बताए जाने वाले सलीम डोला के ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई है। ED की टीमों ने मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में करीब 20 ठिकानों पर तलाशी ली। सलीम डोला को अप्रैल में तुर्की से भारत लाया गया था, जिसके बाद यह बड़ा ऑपरेशन चलाया गया।
ED ने किन जगहों पर और क्यों की छापेमारी?
ED ने यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। जांच एजेंसी का मुख्य मकसद उन लोगों को पकड़ना है जो ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल सप्लाई करते थे। इसके अलावा, हवाला ऑपरेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और बेनामी संपत्ति रखने वाले लोगों की भी तलाश की गई। जांच में पता चला है कि यह गिरोह मेफेड्रोन (MD) जैसे नशीले पदार्थ बनाने और उन्हें देश-विदेश में बेचने का काम करता था।
सलीम डोला का नेटवर्क कैसे काम करता था?
जांच के दौरान एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सामने आया है। यह गिरोह केमिकल फैक्ट्रियों से कच्चा माल लेता था, फिर गुप्त तरीके से ड्रग्स बनाकर उन्हें अलग-अलग राज्यों में पहुंचाता था। ड्रग्स बेचकर जो पैसा कमाया जाता था, उसे हवाला के जरिए घुमाया जाता था और फिर भारत व विदेश में जमीन और मकान जैसी संपत्तियां खरीदी जाती थीं।
- छापेमारी वाले शहर: मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट
- मुख्य आरोपी: मोहम्मद सलीम डोला (दाऊद इब्राहिम का करीबी)
- मुख्य ड्रग: मेफेड्रोन (MD)
- एजेंसियां: ED, NCB और मुंबई पुलिस
Frequently Asked Questions (FAQs)
सलीम डोला कौन है और उसे कहां से लाया गया?
सलीम डोला दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी बताया जाता है और एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाता था। उसे अप्रैल 2026 में तुर्की से प्रत्यर्पण (extradition) के जरिए भारत लाया गया था।
ED की इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
ED का मकसद ड्रग्स बनाने वाले केमिकल सप्लायर्स, हवाला चलाने वालों और बेनामी संपत्तियों का पता लगाना था ताकि ड्रग्स से कमाए गए अवैध पैसे को जब्त किया जा सके।