Maharashtra और Gujarat: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 2 जून 2026 को ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने दोनों राज्यों के करीब 20 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी
Maharashtra और Gujarat: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 2 जून 2026 को ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने दोनों राज्यों के करीब 20 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार से कमाए गए पैसे और उसकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई है।
ED ने कहां-कहां की छापेमारी और क्या है मकसद
ED की टीमें मुंबई, सूरत, राजकोट और भरूच जिले के अंकलेश्वर में पहुंचीं। जांच एजेंसी उन लोगों की तलाश कर रही है जो केमिकल की सप्लाई करते थे या ड्रग्स बनाने में मदद करते थे। इसके अलावा, हवाला ऑपरेटरों और उन लोगों की भी जांच हो रही है जिन्होंने ड्रग्स के पैसे से बेनामी संपत्ति खरीदी है। मुख्य रूप से मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स के निर्माण और वितरण के नेटवर्क को निशाने पर लिया गया है।
कौन है सलीम डोला और कैसे पकड़ा गया
59 साल के मोहम्मद सलीम डोला को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का बड़ा खिलाड़ी माना जाता है। वह दाऊद इब्राहिम का करीबी बताया जाता है। भारत की रिक्वेस्ट पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। अप्रैल 2026 में ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत उसे तुर्की (Türkiye) से भारत लाया गया, जहां दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही NCB ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और पिछली कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सलीम डोला की वापसी को ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ का हिस्सा बताया। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी ED ने छापेमारी की थी, जिसमें 42 लाख रुपये कैश, BMW समेत तीन महंगी गाड़ियां जब्त की गई थीं और कई बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। यह पूरी जांच NCB की मुंबई यूनिट द्वारा दर्ज की गई कई FIR के आधार पर चल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सलीम डोला को भारत कैसे लाया गया?
सलीम डोला को ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत तुर्की से भारत लाया गया। 26 अप्रैल को इस्तांबुल में उसे हिरासत में लिया गया था और अप्रैल 2026 में दिल्ली एयरपोर्ट पर NCB ने उसकी गिरफ्तारी की।
ED की इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ED उन लोगों और नेटवर्क को पकड़ना चाहता है जो ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल सप्लाई करते थे, हवाला के जरिए पैसा घुमाते थे या ड्रग्स की कमाई से बेनामी संपत्ति रखते थे।