Assam, Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IPL क्रिकेट मैचों पर चल रहे एक बड़े सट्टेबाजी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED के गुवाहाटी जोनल ऑफिस ने 26 और 27 मई 2026 को दिल्ली, गुवाहाटी और तिनसुकिया में कई ठिकानों पर छा
Assam, Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IPL क्रिकेट मैचों पर चल रहे एक बड़े सट्टेबाजी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED के गुवाहाटी जोनल ऑफिस ने 26 और 27 मई 2026 को दिल्ली, गुवाहाटी और तिनसुकिया में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला और क्या हुआ जब्त
ED की इस छापेमारी में काफी मात्रा में कैश और महंगी गाड़ियां बरामद हुई हैं। अधिकारियों ने कुल 13 लाख रुपये का बेहिसाब कैश जब्त किया है। इसके अलावा, अपराध की कमाई से खरीदी गई तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं, जिनमें एक Mercedes-Benz, एक MG Hector और एक Toyota Fortuner शामिल है। साथ ही कई मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी मिले हैं, जिनमें सट्टेबाजी के लेनदेन और कोड में की गई बातचीत का रिकॉर्ड है।
सट्टेबाजी का यह नेटवर्क कैसे काम करता था
ED के मुताबिक यह गिरोह बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहा था। सट्टेबाजी के लिए WhatsApp, Telegram और Instagram जैसे मैसेजिंग ऐप्स और विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था। पैसों का लेन-देन कैश के साथ-साथ UPI और बैंक ट्रांसफर के जरिए होता था। इस काले धन को वैध दिखाने के लिए परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी जा रही थीं।
किन लोगों और जगहों पर हुई कार्रवाई
इस ऑपरेशन के दौरान Deepesh Bajoria, Ronak Bajoria, Rajesh Jain, Vikash Agarwal, Suprit Biswas, Bikash Beria, Nitin Beria और Durga Prasad Beria के ठिकानों की तलाशी ली गई। गुवाहाटी में ‘Roycee’ (जिसे पहले ‘Playboy’ कहा जाता था) नाम के कमर्शियल संस्थान पर भी छापेमारी हुई। यह पूरी कार्रवाई PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत की गई है, जिसकी शुरुआत गुवाहाटी क्राइम ब्रांच और तिनसुकिया पुलिस की FIR के बाद हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ED ने छापेमारी के दौरान कितनी रकम और कौन सी गाड़ियां जब्त की हैं?
ED ने कुल 13 लाख रुपये का कैश जब्त किया है। साथ ही तीन लग्जरी गाड़ियां—Mercedes-Benz, MG Hector और Toyota Fortuner भी अपने कब्जे में ली हैं।
सट्टेबाजी के लिए किन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जा रहा था?
गिरोह के सदस्य WhatsApp, Telegram और Instagram जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के साथ-साथ विदेशी ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों का उपयोग कर रहे थे।