Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में हुए करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले से जुड़ी मनी लॉन
Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में हुए करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। विनेश चंदेल को PMLA कानून के तहत हिरासत में लिया गया है।
विनेश चंदेल की गिरफ्तारी और ED की कार्रवाई क्या है?
ED ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को दिल्ली में विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया। एजेंसी का आरोप है कि एक हवाला ऑपरेटर के जरिए I-PAC को बड़ी रकम भेजी गई, जिसका संबंध कोयला तस्करी गिरोह से था। चंदेल को पूछताछ के लिए सोमवार रात या मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा ताकि उनकी कस्टडी ली जा सके।
इस मामले में अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए?
ED इस मामले में काफी समय से जांच कर रही है और कई जगह छापेमारी कर चुकी है। इस पूरी कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| तारीख |
कार्रवाई की जगह |
संबंधित व्यक्ति/संस्था |
| जनवरी 8, 2026 |
कोलकाता निवास और ऑफिस |
प्रतीक जैन (फाउंडर, I-PAC) |
| अप्रैल 2, 2026 |
दिल्ली निवास |
विनेश चंदेल (डायरेक्टर, I-PAC) |
| अप्रैल 2, 2026 |
बेंगलुरु कार्यालय |
ऋषि राज सिंह (को-फाउंडर, I-PAC) |
| अप्रैल 2, 2026 |
मुंबई निवास |
विजय नायर (पूर्व AAP प्रभारी) |
| नवंबर 2020 |
FIR दर्ज |
CBI (कोयला चोरी मामला) |
राजनीतिक प्रतिक्रिया और I-PAC का पक्ष क्या है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही आरोप लगाया था कि ED जानबूझकर I-PAC को निशाना बना रही है ताकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) का डेटा हासिल किया जा सके। दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने I-PAC को TMC की आंख और कान बताया है। I-PAC ने जनवरी में बयान दिया था कि इस पूरे मामले में उनकी भूमिका बहुत सीमित है।