East Delhi में वोटर लिस्ट अपडेट की धीमी रफ्तार, BLOs की बढ़ी मुश्किलें, अब 8 अगस्त तक चलेगा काम
Delhi: पूर्वी दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत जारी है। यहाँ डिजिटल डेटा फीड करने की रफ्तार काफी धीमी रही है, जिसकी वजह से यह जिला दिल्ली के सबसे खराब प्रद
Delhi: पूर्वी दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत जारी है। यहाँ डिजिटल डेटा फीड करने की रफ्तार काफी धीमी रही है, जिसकी वजह से यह जिला दिल्ली के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले इलाकों में शामिल हो गया है। जमीनी स्तर पर काम कर रहे बीएलओ (BLO) फॉर्म भरने और डेटा ऑनलाइन चढ़ाने में काफी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 18 जुलाई 2026 तक पूर्वी दिल्ली में केवल 13.81% फॉर्म ही डिजिटल किए जा सके हैं, जबकि पूरे दिल्ली का औसत करीब 21% है। कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 11.34% भी बताया गया है। काम का दबाव इतना ज्यादा है कि एक फॉर्म को सिस्टम में डालने और प्रमाणित करने में बीएलओ को कम से कम पांच मिनट का समय लग रहा है।
चुनाव आयोग ने इस स्थिति को देखते हुए बीएलओ के घर-घर जाकर सर्वे करने की समय सीमा 29 जुलाई से बढ़ाकर अब 8 अगस्त कर दी है। इस फैसले का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए और डेटा में कोई गलती न हो।
फील्ड पर काम कर रहे बीएलओ ने कई समस्याओं के बारे में बताया है। कई घरों पर नंबर नहीं लिखे हैं, जिससे पता ढूंढने में दिक्कत आती है। साथ ही, कई लोग फॉर्म सही से नहीं भर पा रहे हैं और बीएलओ से ही मदद मांगते हैं। कुछ लोग उन्हें सेल्समैन समझकर बात नहीं करते या घरों में ताले मिले। इसके अलावा, 2002 के पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर वोटरों को ढूंढना और उन्हें समझाना काफी समय लेने वाला काम साबित हो रहा है।
संशोधन प्रक्रिया का नया शेड्यूल इस प्रकार है:
| काम का विवरण | नई तारीख/समय सीमा |
|---|---|
| बीएलओ द्वारा घर-घर दौरा | 8 अगस्त तक |
| ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन | 17 अगस्त तक |
| दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय | 17 अगस्त से 16 सितंबर |
| आपत्तियों का निपटारा | 15 अक्टूबर तक |
| फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन | 19 अक्टूबर |
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के 1.45 करोड़ वोटरों में से 99.55% लोगों को फॉर्म बांटे जा चुके हैं। पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली, उत्तर पूर्वी और दक्षिण दिल्ली जैसे जिलों में 100% फॉर्म वितरण का काम पूरा हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं और कहा है कि marginalised समुदायों के योग्य वोटरों को बाहर किया जा रहा है।
प्रशासन ने बीएलओ को पहचान के लिए एक जैसे टैम्पर-प्रूफ आईडी कार्ड जारी किए हैं। वोटर अपनी जानकारी की स्थिति चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। नियमों के मुताबिक, बंद घरों में बीएलओ को कम से कम तीन बार जाने की कोशिश करनी होगी और उसके बाद ही रिपोर्ट देनी होगी।