Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में फेस्ट के दौरान हुई हिंसा और लड़ाई-झगड़ों के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। Shaheed Bhagat Singh College (SBSC) ने अपने स्टूडेंट्स यूनियन पर इवेंट्स आयोजित करने की रोक लगा दी है। अब य
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में फेस्ट के दौरान हुई हिंसा और लड़ाई-झगड़ों के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। Shaheed Bhagat Singh College (SBSC) ने अपने स्टूडेंट्स यूनियन पर इवेंट्स आयोजित करने की रोक लगा दी है। अब यूनियन न तो फ्रेशर्स पार्टी करा पाएगा और न ही कॉलेज की तरफ से स्पॉन्सरशिप ले पाएगा।
SBSC में अब कौन आयोजित करेगा इवेंट्स?
कॉलेज के प्रिंसिपल Arun Kumar Attree ने 27 अप्रैल 2026 को एक नोटिस जारी किया। इसमें साफ कहा गया है कि अब सभी फेस्ट, फ्रेशर्स प्रोग्राम और सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ कॉलेज की Cultural Committee और Functions Committee ही आयोजित करेगी। स्टूडेंट्स यूनियन का काम अब सिर्फ छात्रों की समस्याओं को उठाना और कॉलेज प्रशासन द्वारा मंजूर किए गए कामों में मदद करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कॉलेज के नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
प्रिंसिपल के मुताबिक, 6 अप्रैल को इवनिंग कॉलेज के एक फेस्ट में स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों के बीच लड़ाई हुई थी, जिसमें 10 छात्रों को सस्पेंड करना पड़ा था। इसके अलावा Hansraj College के वार्षिक फेस्ट ‘Confluence 2026’ में भी भारी हिंसा हुई थी। वहां करीब 30 छात्रों को सस्पेंड किया गया और 17 छात्रों समेत 4 बाहरी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इन घटनाओं के बाद अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
DUSU ने इस फैसले पर क्या कहा?
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) के अध्यक्ष Aryaman Sai ने प्रशासन के इस रवैये पर नाराजगी जताई है। उन्होंने Hansraj College में हुए सस्पेंशन को छात्र लोकतंत्र पर हमला बताया है। उनका आरोप है कि कॉलेज प्रशासन अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Shaheed Bhagat Singh College ने यूनियन पर क्या रोक लगाई है?
यूनियन अब कोई भी इवेंट, फ्रेशर्स पार्टी या सालाना प्रोग्राम आयोजित नहीं कर सकेगा और न ही कॉलेज की तरफ से स्पॉन्सरशिप मांग सकेगा।
Hansraj College में क्या हुआ था?
Hansraj College के फेस्ट ‘Confluence 2026’ में हिंसा हुई थी, जिसके बाद 30 छात्रों को सस्पेंड किया गया और 21 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।