Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर Debosmita Paul (49) की उनके ईस्ट दिल्ली स्थित फ्लैट में हत्या कर दी गई. प्रोफेसर ने गर्मियों की छुट्टियों में बंगाल जाने और नई साड़ी खरीदने की योजना बनाई थी
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर Debosmita Paul (49) की उनके ईस्ट दिल्ली स्थित फ्लैट में हत्या कर दी गई. प्रोफेसर ने गर्मियों की छुट्टियों में बंगाल जाने और नई साड़ी खरीदने की योजना बनाई थी, लेकिन उनके साथ खौफनाक हादसा हो गया. पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक परिवार को गिरफ्तार किया है.
हत्या की वजह क्या थी और किसने किया हमला?
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल के Bardhaman में एक पुश्तैनी संपत्ति को लेकर था. आरोपी Ramprashad Das और उसकी पत्नी Banashree Das प्रोफेसर के उसी घर में किरायेदार थे. प्रोफेसर ने जब उन्हें घर खाली करने की चेतावनी दी और संपत्ति बेचने से मना कर दिया, तो इस जोड़े ने अपने 13 साल के बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
कैसे अंजाम दिया गया यह जुर्म?
आरोपी 3 जून 2026 को ट्रेन से करीब 1,400 किलोमीटर का सफर तय कर Bardhaman से दिल्ली आए थे. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाए थे और वारदात के बाद कपड़े बदलकर फरार हो गए. पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर ने उन्हें पहचान लिया था और अंदर बुलाकर पानी भी पिलाया, जिसके बाद उन पर हमला किया गया. आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरे लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर मयूर विहार के एक गेस्ट हाउस में कमरा लिया था.
पुलिस ने क्या बरामद किया और क्या कार्रवाई की?
दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से 7 जून 2026 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मौके से प्रोफेसर का Samsung मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल किया गया रेजर, कपड़े और ट्रेन टिकट बरामद किए हैं. न्यू अशोक नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों को कोर्ट और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया.
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर Debosmita Paul की हत्या का मुख्य कारण क्या था?
हत्या की मुख्य वजह पश्चिम बंगाल के Bardhaman में स्थित एक पुश्तैनी संपत्ति का विवाद था. प्रोफेसर ने किरायेदार Ramprashad Das को घर खाली करने को कहा था और संपत्ति बेचने से मना कर दिया था.
आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए क्या किया?
आरोपियों ने दिल्ली में मयूर विहार के एक गेस्ट हाउस में रुकने के लिए दूसरे लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल किया और सीसीटीवी से बचने के लिए चेहरे पर मास्क लगाए थे.