Delhi: राजधानी दिल्ली के बुरारी मैदान में DRDO ने एक नया CBRN फील्ड ट्रेनिंग और डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर शुरू किया है। इस सेंटर का उद्घाटन 6 मई 2026 को डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत ने किया। यह सेंटर परमाणु और रेडियोलॉ
Delhi: राजधानी दिल्ली के बुरारी मैदान में DRDO ने एक नया CBRN फील्ड ट्रेनिंग और डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर शुरू किया है। इस सेंटर का उद्घाटन 6 मई 2026 को डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत ने किया। यह सेंटर परमाणु और रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी जैसी गंभीर स्थितियों से निपटने के लिए बनाया गया है, ताकि किसी भी संकट के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
इस सेंटर का मुख्य मकसद क्या है?
इस सेंटर का सबसे बड़ा उद्देश्य परमाणु, रासायनिक और जैविक खतरों (CBRN) से निपटने की तैयारी को मजबूत करना है। अब तक इसकी ट्रेनिंग ज्यादातर किताबी या थ्योरी पर आधारित थी, लेकिन अब यहाँ एक्सपर्ट्स को प्रैक्टिकल और हाथों-हाथ ट्रेनिंग दी जाएगी। यह सेंटर INMAS के तहत आने वाले CBRN सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ी के विशेषज्ञों को तैयार करेगा।
सेंटर में कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं?
इस सेंटर को अत्याधुनिक मशीनों और सुविधाओं से लैस किया गया है ताकि ट्रेनिंग असरदार हो सके। यहाँ मुख्य रूप से ये सुविधाएं मौजूद हैं:
- रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर टेस्ट-बेड फैसिलिटी
- हैवी-आयन रिसर्च फैसिलिटी
- इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स यूनिट
- रियल-टाइम फील्ड रिस्पॉन्स यूनिट
किन एजेंसियों को मिलेगी यहाँ ट्रेनिंग?
यह सेंटर केवल एक विभाग के लिए नहीं है, बल्कि इसमें कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। यहाँ DRDO के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के रिस्पॉन्डर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे किसी भी इमरजेंसी के समय अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल बेहतर होगा और संकट से जल्दी निपटा जा सकेगा। उद्घाटन के दौरान डॉ. उपेन्द्र कुमार सिंह और डॉ. चंद्रिका कौशिक जैसे कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DRDO का यह नया सेंटर दिल्ली में कहाँ स्थित है?
यह CBRN फील्ड ट्रेनिंग और डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर दिल्ली के बुरारी मैदान (Burari plains) में बनाया गया है।
CBRN सेंटर का मुख्य काम क्या होगा?
इसका मुख्य काम परमाणु (Nuclear), रासायनिक (Chemical), जैविक (Biological) और रेडियोलॉजिकल (Radiological) खतरों से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के कर्मियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और सिम्युलेशन एक्सरसाइज देना है।