ईरान के हमले के खतरे के बीच ट्रंप का सीक्रेट मिशन, केटरिंग ट्रक के जरिए बदला विमान
World : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को ईरान की तरफ से मिले एक बड़े खतरे के बाद तुर्की के अंकारा एयरपोर्ट पर चुपचाप एक विमान से दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया। यह पूरी कार्रवाई इतनी गुप्त रखी गई कि दुनिया को पता भी
World : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को ईरान की तरफ से मिले एक बड़े खतरे के बाद तुर्की के अंकारा एयरपोर्ट पर चुपचाप एक विमान से दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया। यह पूरी कार्रवाई इतनी गुप्त रखी गई कि दुनिया को पता भी नहीं चला। The Washington Post की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति की जान को खतरा था, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें बचाने के लिए एक खास योजना बनाई थी।
8 जुलाई 2026 को अंकारा में NATO समिट खत्म होने के बाद ट्रंप सार्वजनिक तौर पर पुराने Air Force One (Boeing 747) में सवार हुए ताकि कैमरों और दुनिया को लगे कि वह उसी विमान से जा रहे हैं। लेकिन असल में उन्हें एक एयरपोर्ट केटरिंग ट्रक के जरिए गुप्त रूप से एक छोटे सैन्य विमान C-32A (Boeing 757) में भेज दिया गया। इस विमान का कॉल साइन भी ‘Air Force One’ के बजाय ‘Reach 18’ रखा गया था ताकि किसी को शक न हो।
सुरक्षा के इस इंतजाम में ट्रंप के साथ Pete Hegseth भी थे, जिन्होंने सामान्य दिखने के लिए बाहरी सीढ़ियों का इस्तेमाल कर C-32A विमान में एंट्री की। वहीं, decoy Air Force One विमान में व्हाइट हाउस के स्टाफ और पत्रकारों को बिठाकर ब्रिटेन भेज दिया गया। इन पत्रकारों को निर्देश दिया गया था कि वे अपनी खिड़कियों के पर्दे बंद रखें ताकि उन्हें बाहर का पता न चले।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को खबर मिली थी कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप या उनके विमान पर मिसाइल दागने की साजिश रच रहा है। इसी वजह से सुरक्षा टीम ने इस ‘डिसेप्शन ऑपरेशन’ को अंजाम दिया। ट्रंप ने अंकारा आने के लिए कतर द्वारा दान किए गए नए Boeing 747-8 का इस्तेमाल किया था, लेकिन उसकी सुरक्षा क्षमताओं को लेकर चिंताएं थीं, इसलिए अंत में C-32A का चुनाव किया गया।