Maharashtra: डोंबिवली के ऐतिहासिक Pimpeshwar Mahadev Temple के भक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। Mahayuti सरकार ने मंदिर के आसपास की 4.25 एकड़ जमीन को मंदिर ट्रस्ट को वापस सौंपने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से स्थानी
Maharashtra: डोंबिवली के ऐतिहासिक Pimpeshwar Mahadev Temple के भक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। Mahayuti सरकार ने मंदिर के आसपास की 4.25 एकड़ जमीन को मंदिर ट्रस्ट को वापस सौंपने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का करीब 14 साल पुराना इंतजार खत्म हो गया है। सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और MLA Ravindra Chavan ने मंदिर परिसर में ‘संकल्प पूर्ति पूजा’ कर सरकार का धन्यवाद किया।
जमीन वापस मिलने से क्या होगा फायदा
इस जमीन के वापस मिलने से मंदिर परिसर का रखरखाव बेहतर तरीके से हो सकेगा। अब ट्रस्ट मंदिर के बुनियादी ढांचे का विकास कर पाएगा और आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। Ravindra Chavan ने इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि इससे लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा होगी।
विवाद की वजह और कानूनी पहलू
यह जमीन पहले Maharashtra Industrial Development Corporation (MIDC) के नियंत्रण में थी, क्योंकि MIDC ने औद्योगिक विकास के लिए इस इलाके की 700 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की थी। मंदिर की जमीन भी उसी में शामिल हो गई थी। लंबे संघर्ष के बाद अब इसे ट्रस्ट को वापस दिया गया है।
8 जून को होगा भव्य उत्सव
इस फैसले की खुशी में 8 जून 2026 को Shri Pimpeshwar Mahadev Temple Complex में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें Shiva Utsav, भजन-कीर्तन महोत्सव और आभार समारोह होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde, Sunetra Pawar और अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Pimpeshwar मंदिर को कितनी जमीन वापस मिली है?
Mahayuti सरकार ने मंदिर ट्रस्ट को मंदिर के आसपास की 4.25 एकड़ जमीन वापस देने की मंजूरी दी है।
जमीन वापस मिलने के लिए कितने समय तक संघर्ष चला?
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का यह संघर्ष लगभग 14 से 20 साल तक चला, जिसके बाद अब यह विवाद सुलझा है।