धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर UP के शहरों में जश्न, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में बांटी गई मिठाइयां
UP: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों में खुशी की लहर दौड़ गई। लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे युवाओं के संघर्ष क
UP: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों में खुशी की लहर दौड़ गई। लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। इस मौके पर छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विजय जुलूस निकाले और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की।
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई, 2026 को NEET-UG पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन बहुत दुखी था। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की एकता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य को कानूनी उलझनों से बचाने के लिए लिया गया है।
इस घटनाक्रम पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार के लिए पद से ज्यादा देश और युवाओं की भावनाएं जरूरी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार पेपर लीक के खिलाफ जरूरी सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, परीक्षा रद्द की है और अगले साल से इसे कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया है।
इस्तीफे के बाद राजनीतिक माहौल भी बदला है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की, क्योंकि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार प्राथमिकयों को वापस लेने के लिए कदम उठाएगी।
यूपी के अलावा इस खबर का असर देशभर में दिखा। सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन खत्म किया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया जैसे बीबीसी और न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी इस इस्तीफे को जन दबाव के आगे सरकार के झुकने के एक उदाहरण के रूप में देखा है।